#अपराध
September 9, 2026
हिमाचल पुलिस की नाक के नीचे से कैदी फरार, IGMC में उपचार के लिए लाया था- मचा हड़कंप
फरार कैदी को चप्पे-चप्पे पर तलाश रही पुलिस टीम
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के IGMC से एक कैदी के फरार होने का मामला सामने आया है। कंडा जेल में हत्या के मामले में विचाराधीन कैदी सूरज को उपचार के लिए IGMC अस्पताल लाया गया था।
बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन था। इसी दौरान मौका पाकर वह अस्पताल से फरार हो गया। कैदी के अस्पताल से भागने की जानकारी सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में जुट गईं। पुलिस ने संभावित स्थानों पर दबिश देने के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी खोज अभियान शुरू कर दिया है। फरार कैदी के संबंध में पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

फरार हुआ कैदी सूरज हत्या के एक मामले में कंडा जेल में विचाराधीन था। किसी मामले में दोष सिद्ध होने से पहले जेल में बंद व्यक्ति को विचाराधीन कैदी माना जाता है। उपचार की आवश्यकता के चलते उसे जेल से IGMC अस्पताल लाया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था। अस्पताल में उपचार के दौरान ही वह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया।
कैदी के फरार होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह अस्पताल से किस तरह बाहर निकला और उसके फरार होने के पीछे क्या परिस्थितियां रहीं। पुलिस अस्पताल में उसकी निगरानी के लिए तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। साथ ही अस्पताल परिसर और उसके आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सूरज की तलाश में पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस की टीमें उन स्थानों पर भी पहुंच रही हैं, जहां फरार कैदी के छिपे होने की आशंका हो सकती है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरार होने के बाद कैदी किस दिशा में गया हो सकता है और क्या उसे किसी व्यक्ति ने मदद पहुंचाई है। मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने फरार कैदी सूरज की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी साझा की है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक उसकी पहचान संबंधी जानकारी पहुंच सके। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति को सूरज के बारे में कोई जानकारी मिलती है या वह कहीं दिखाई देता है- तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं कैदी को पकड़ने या उसके साथ किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय तत्काल पुलिस को जानकारी दें। संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने पर भी पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया गया है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार कैदी को जल्द से जल्द तलाश कर पकड़ना है। साथ ही IGMC से उसके फरार होने की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कैदी किस तरह सुरक्षा घेरे से बाहर निकला और इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।