कांगड़ा। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर देश को गर्व करने का मौका दिया है। सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में सेवा देने वाले पालमपुर के एक सपूत ने अपनी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और बहादुरी के दम पर भारतीय सेना में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

लेफ्टिनेंट कर्नल बने अमित कुमार

उनकी इस कामयाबी से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। पालमपुर उपमंडल के गांव घमरोता (बल्ला) निवासी अमित कुमार भारतीय सेना में पदोन्नत होकर लेफ्टिनेंट कर्नल बन गए हैं।

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अहमदाबाद में सजी नई रैंक

उनकी पिपिंग सेरेमनी गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित की गई। इस गौरवशाली अवसर पर उनके कमांडिंग अधिकारी कर्नल कौस्तुभ सिंह ने उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट कर्नल के नए रैंक लगाए। अमित कुमार वर्तमान में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित आर्मर्ड कोर में सेवाएं दे रहे हैं।

 

लेह-लद्दाख से मणिपुर तक निभाई अहम जिम्मेदारियां

अमित का सैन्य जीवन चुनौतियों और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने लेह-लद्दाख के दुर्गम और बर्फीले सीमावर्ती इलाकों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। इसके अलावा उग्रवाद प्रभावित मणिपुर में भी उन्होंने कई अहम अभियानों में अपनी भूमिका निभाते हुए साहस और नेतृत्व का परिचय दिया।

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25 अभियानों का सफल नेतृत्व

मणिपुर में तैनाती के दौरान अमित ने 25 उग्रवाद विरोधी अभियानों का सफल नेतृत्व किया। उनकी रणनीति और कुशल नेतृत्व का ही परिणाम था कि इन सभी अभियानों के दौरान भारतीय सेना को किसी प्रकार की सैन्य क्षति का सामना नहीं करना पड़ा। यह उपलब्धि उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और पेशेवर क्षमता की मिसाल मानी जा रही है।

पालमपुर में खुशी का माहौल

अमित कुमार की पदोन्नति की खबर सामने आने के बाद उनके पैतृक गांव घमरोता समेत पूरे पालमपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है। लोगों का कहना है कि अमित कुमार की उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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