मंडी। बेटियां जब सपनों को मेहनत से सींचती हैं, तो कामयाबी सिर्फ एक मंज़िल नहीं रहती, वह इतिहास बन जाती है। जब कोई बेटी अपने लक्ष्य पर अडिग रहती है, तो उसकी सफलता सिर्फ उसकी नहीं होती, वह पूरे समाज की सोच को बदल देती है। ऐसी ही हिमाचल प्रदेश की एक बेटी रंजीता ठाकुर ने AIIMS कॉमन रिक्रूटमेंट एग्ज़ाम (CRE-4) 2025 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
400 में से 321 अंक किए हासिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंडी जिले की निहरी-सुंदरनगर तहसील से ताल्लुक रखने वाली रंजीता ठाकुर ने AIIMS कॉमन रिक्रूटमेंट एग्ज़ाम (CRE-4) 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है।
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इस परीक्षा में उन्होंने 400 में से 321 अंक हासिल किए, जिसके बाद उनका चयन एम्स बिलासपुर में एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्निकल सुपरवाइज़र के पद पर हुआ है।
रंजीता की पढ़ाई का सफर
रंजीता शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही हैं। उन्होंने दसवीं की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निहरी से की, जबकि बारहवीं की शिक्षा सुंदरनगर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र को चुना और इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला से एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर तकनीक में बीएससी की डिग्री हासिल की।
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इन्हें दिया अपनी सफलता का श्रेय
निहरी-सुंदरनगर तहसील के छोटे से गांव नैड़ा की रहने वाली रंजीता की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनके पिता गंगा राम भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) में सहायक उप निरीक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।
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परिवार में दो बहनें भी हैं। अपनी इस उपलब्धि पर रंजीता ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता के संघर्ष, शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनकी खुद की कड़ी मेहनत का बड़ा योगदान है।
स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल
वहीं, स्थानीय लोगों का मानना है कि रंजीता जैसी मेहनती और होनहार बेटियां क्षेत्र का नाम रोशन करती हैं और आने वाले समय में भी ऐसे ही लोग समाज और देश के लिए उदाहरण बनेंगे। रंजीता की लगन, पढ़ाई और लक्ष्य‑निष्ठा ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और जुनून से किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है।
