#उपलब्धि
June 9, 2026
हिमाचल का लाल शौर्य चक्र से सम्मानित : घने कोहरे में भी दिखाया साहस, रेंगते हुए दुश्मन को किया ढेर
युवाओं के लिए प्रेरणा बने कैप्टन योगेंद्र
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मंडी। हिमाचल प्रदेश की वीर भूमि ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है। मंडी जिले के जोगेंद्रनगर क्षेत्र की दारट बगला पंचायत के वीर सपूत कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को उनकी असाधारण वीरता, अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और देश की शीर्ष सैन्य नेतृत्व भी मौजूद रही। कैप्टन योगेंद्र की इस उपलब्धि से पूरे हिमाचल, विशेषकर मंडी जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के एक दुर्गम क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान मौसम बेहद प्रतिकूल था और दृश्यता लगभग शून्य के बराबर थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर अपनी टीम के साथ मोर्चे पर डटे हुए थे।
इसी दौरान उन्हें करीब 300 मीटर की दूरी पर संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। आतंकवादियों को भागने का कोई मौका न मिले- इसके लिए उन्होंने जोखिम उठाते हुए अपनी टीम के साथ रणनीतिक तरीके से मोर्चा संभाला।
अचानक आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। चारों ओर गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच भी कैप्टन योगेंद्र ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने जान की परवाह किए बिना रेंगते हुए आगे बढ़कर दुश्मन के बेहद करीब पहुंचने का साहसिक फैसला लिया।
आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ में उन्होंने एक खूंखार आतंकवादी को ढेर कर दिया। उनके इस साहसिक कदम ने पूरे अभियान की दिशा बदल दी और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली।
कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर की इस उपलब्धि पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की देवभूमि आज भी वीर सपूतों को जन्म दे रही है, जो देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हटते।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सम्मान केवल कैप्टन योगेंद्र की बहादुरी का नहीं, बल्कि भारतीय सेना की वीरता, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का भी प्रतीक है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को देशसेवा और सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी।
कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर को मिला शौर्य चक्र न केवल उनके परिवार और क्षेत्र के लिए, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गया है। उनकी बहादुरी की यह कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।