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June 9, 2026
हिमाचल के सूरज पराशर को शौर्य चक्र : J&K में आ.तंकियों को किया था ढेर, राष्ट्रपति ने दिया सम्मान
हिमाचल के बेटे को यह सम्मान मिलना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है
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ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के लिए गर्व की खबर सामने आई है। भारतीय नौसेना के जांबाज अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को उनकी असाधारण वीरता, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान के बाद ऊना और नंगल क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।
मूल रूप से ऊना जिले के चढ़तगढ़ गांव तथा वर्तमान में नंगल रेलवे रोड कॉलोनी के निवासी लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को यह सम्मान जम्मू-कश्मीर में संचालित एक संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए दिया गया है।
जानकारी के अनुसार 6 नवंबर 2024 को उन्हें और उनकी टीम को जम्मू-कश्मीर में एक संयुक्त घेराबंदी एवं सर्च ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक घर में छिपे आतंकवादियों को घेर लिया था।
ऑपरेशन के दौरान एक आतंकवादी ने सुरक्षा बलों की घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की। हालात की गंभीरता को भांपते हुए लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर ने अदम्य साहस और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया।
उन्होंने न केवल दूसरे छिपे हुए आतंकवादी को निशाना बनाया, बल्कि अपने साथियों को समय रहते महत्वपूर्ण सूचना भी उपलब्ध करवाई। उनके साहसिक कदमों और नेतृत्व के चलते सुरक्षा बलों ने दोनों आतंकवादियों को मार गिराया और पूरे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
शौर्य चक्र देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों में से एक माना जाता है। ऐसे में हिमाचल के बेटे को यह सम्मान मिलना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। सूरज पराशर की इस उपलब्धि ने न केवल ऊना बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
उनकी वीरता और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। क्षेत्र के लोगों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले ऐसे वीर सपूतों पर पूरे देश को गर्व है।