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June 12, 2026

हिमाचल: किसान के बेटे ने किया खूब संघर्ष, ट्यूशन पढ़ाकर उठाया अपना खर्च- अब बना शिक्षक

लंबे संघर्ष के बाद मिला सफलता का फल

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Success Story

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर से एक बार फिर मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। शिलाई तहसील के ग्राम पंचायत नाया पंजोड़ के रहने वाले युवा BR शर्मा ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर TGT (आर्ट्स) परीक्षा पास कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

 

BR शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर मेहनत और हौसला मजबूत हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।  

गांव से शुरू हुआ शिक्षा का सफर

BR शर्मा का प्रारंभिक जीवन गांव में ही बीता। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव से पूरी करने के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शमशेर, नाहन से जमा दो की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने डॉ. वाईएस परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन से स्नातक की शिक्षा हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मेहनत और प्रतिभा सभी के सामने आने लगी थी।

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छात्रवृत्ति से जारी रखी पढ़ाई

उनकी लगन और पढ़ाई के प्रति समर्पण को देखते हुए कॉलेज की ओर से उन्हें “जोशी दंपति पुरस्कार” के तहत 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस सहायता ने उन्हें आगे की पढ़ाई जारी रखने में काफी मदद की।

उच्च शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी दिखाई प्रतिभा

BR शर्मा ने अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने प्रवेश परीक्षा पास कर जीसीटीई धर्मशाला से बीएड की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी लगातार जारी रखी।

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NET की परिक्षा भी की पास 

उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की UGC-NET परीक्षा पहले और दूसरे प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली। इसके अलावा उन्होंने TET और CTET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी पहले प्रयास में उत्तीर्ण कीं।

लंबे संघर्ष के बाद मिला सफलता का फल

बीआर शर्मा की राह आसान नहीं थी। अच्छी शैक्षणिक योग्यता होने के बावजूद उन्हें नौकरी के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। वर्ष 2024 से 2026 के बीच उन्होंने नाहन में रहकर अपने खर्च खुद पूरे किए। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं चलाकर विद्यार्थियों को पढ़ाया और साथ ही अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी।

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कई मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उनका चयन TGT आर्ट्स के पद पर हो गया।

किसान परिवार से निकलकर युवाओं के लिए बने मिसाल

BR शर्मा एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अपनी सफलता के बाद बीआर शर्मा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों, भाई-बहनों और पूरे परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और आशीर्वाद के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।

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विद्यार्थियों की सफलता बनी संघर्ष के दिनों की ताकत

BR शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने देवी-देवताओं, माता-पिता, गुरुजनों, भाई-बहनों और पूरे परिवार को दिया। उन्होंने अपने विद्यार्थियों को भी अपनी सफलता का अहम हिस्सा बताया। उनके मार्गदर्शन में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।

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उनके दो विद्यार्थियों ने UGC-NET परीक्षा पास की, छह विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की और चार विद्यार्थियों ने पुलिस सेवा में जगह बनाई। BR शर्मा का कहना है कि उनके विद्यार्थियों की सफलता उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रही। 

क्षेत्र में खुशी का माहौल

BR शर्मा की इस उपलब्धि के बाद नाया पंजोड़ और पूरे सिरमौर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिचितों ने उनकी सफलता पर बधाई दी है। लोगों का कहना है कि बीआर शर्मा ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि गांवों से निकलने वाले युवा भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए एक उदाहरण है कि मेहनत, धैर्य और लगन के साथ सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।

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