हमीरपुर। हिमाचल की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा ना तो हालात की मोहताज होती है और ना ही संसाधनों की। हमीरपुर जिला के दूरदराज गांव उदयपुर (उटपुर) की बेटी मनीषा कुमारी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। मनीषा का चयन 24 अक्तूबर से रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में होने जा रही दक्षिण एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हुआ है, जहां वह 4/400 मीटर महिला रिले स्पर्धा में दौड़ेंगी। यह खबर पूरे हिमाचल के लिए गर्व का विषय बन गई है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगी ट्रक ड्राइवर की बेटी

साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली मनीषा के पिता रमेश चंद ट्रक चालक हैं और माता शीला देवी एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद मनीषा ने अपने हौसले और मेहनत के बल पर जो मुकाम हासिल किया है, वह आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। मनीषा की इस उपलब्धि ने न केवल हमीरपुर जिला, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश को गौरवान्वित किया है। दिवाली से पहले यह उपलब्धि क्षेत्रवासियों और मनीषा के परिवार के लिए किसी दीपावली के उपहार से कम नहीं।

 

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हमीरपुर में हुआ भव्य स्वागत और सम्मान

अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने से पूर्व जब मनीषा हमीरपुर लौटीं, तो एथलेटिक एसोसिएशन हमीरपुर की ओर से उनका गौरवपूर्ण स्वागत किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) हमीरपुर में आयोजित सम्मान समारोह में कांगड़ा बैंक के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही प्रोत्साहन स्वरूप 11,000 रुपये की नकद राशि भी प्रदान की गई।

 

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मेहनत का परिणाम है मनीषा की सफलता

हाल ही में संगरूर में आयोजित ओपन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उन्होंने 400 मीटर दौड़ को महज 53.81 सेकंड में पूरा कर स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा उन्होंने 64वीं नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक, खेलो इंडिया रिले स्पर्धा में कांस्य पदक, अंडर-23 ओपन एथलेटिक्स में रजत पदक, और इंटर-यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर अपने टैलेंट का लोहा मनवाया है।

 

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क्या बोली धावक मनीषा

सम्मान समारोह में मनीषा ने कहा कि मैं इस अवसर को पूरी तरह भुनाऊंगी और देश के लिए पदक जीतने का हरसंभव प्रयास करूंगी। मेरी इस उपलब्धि के पीछे मेरे माता-पिता, कोच और एथलेटिक्स संघ का योगदान अहम है।

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