कांगडा। जिला मुख्यालय धर्मशाला के श्यामनगर निवासी गौरव ठाकुर ने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण से एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड में गौरव ठाकुर को लेफ्टिनेंट की उपाधि प्रदान की गई। उनकी इस सफलता से परिवार, दोस्तों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
2014 में शुरू हुआ था सेना का सफर
गौरव ठाकुर का सेना से जुड़ने का सपना काफी पहले से था। वर्ष 2014 में उन्होंने भारतीय सेना में बतौर सिपाही भर्ती होकर अपने सैन्य सफर की शुरुआत की थी। सेना में रहते हुए उन्होंने लगातार अपने कर्तव्यों को निभाया और आगे बढ़ने के लिए मेहनत करते रहे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल घूमने आए थे 3 युवक और 2 युवतियां, कई पलटे खाते खाई में गिरी गाड़ी, मची चीख-पुकार
पढ़ाई में नहीं आने दी कभी कमी
गौरव ने कभी अपने लक्ष्य को पाने की कोशिशों में कमी नहीं आने दी। अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने SCO (स्पेशल कमीशन ऑफिसर) परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय सैन्य अकादमी में अधिकारी प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए।
आईएमए में पूरा किया कठिन प्रशिक्षण
भारतीय सैन्य अकादमी में गौरव ठाकुर ने एक साल तक कठिन प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्होंने शारीरिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और सैन्य रणनीति से जुड़े कई पहलुओं में खुद को बेहतर बनाया। कड़े प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अब वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुए हैं। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक जवान के रूप में सेना में कदम रखा और अपनी मेहनत के दम पर अधिकारी पद तक पहुंचे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: हंसते-खेलते परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, 24 वर्षीय युवक ने कमरे में खत्म कर ली जिंदगी
सैन्य परंपरा वाले परिवार से हैं गौरव
गौरव ठाकुर ऐसे परिवार से आते हैं जहां सेना के प्रति सम्मान और सेवा की भावना पीढ़ियों से चली आ रही है। उनके पिता कमल ठाकुर भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वहीं उनके दादा भी सेना में हवलदार के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार के सैन्य माहौल ने गौरव को भी देश सेवा के लिए प्रेरित किया। उनके घर में शुरू से ही अनुशासन और देशभक्ति की भावना रही, जिसका असर उनके जीवन पर भी पड़ा।
माता और बहन ने भी दिया पूरा सहयोग
गौरव ठाकुर की माता गृहिणी हैं और उन्होंने हमेशा अपने बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनकी बड़ी बहन सीएमओ कार्यालय धर्मशाला में कार्यरत हैं। परिवार के सहयोग और आशीर्वाद से गौरव ने यह मुकाम हासिल किया है।
यह भी पढ़ें-हिमाचल : शिव मंदिर के पास बिक रहा था चिट्टा, पुलिस ने पंजाबी समेत 2 को किया गिरफ्तार
क्षेत्रवासियों ने दी बधाई
गौरव ठाकुर की सफलता पर श्यामनगर सहित पूरे धर्मशाला क्षेत्र में खुशी है। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा है। एक सिपाही से लेफ्टिनेंट बनने तक का उनका सफर मेहनत और हौसले की मिसाल है।
गौरव ठाकुर ने साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य तय हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
