कांगड़ा। होली के रंग अभी बाजारों में सजे ही थे, लेकिन ज्वालामुखी क्षेत्र के भडोली में मातम की चादर बिछ गई। त्योहार से ठीक दो दिन पहले ब्यास नदी में नहाने गए चार युवकों में से एक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
घर से कुछ ही दूरी पर हुआ हादसा
करीब 24 घंटे तक चले लगातार सर्च और रेस्क्यू अभियान के बाद युवक का शव उसी स्थान के पास से बरामद किया गया, जहां वह अपने दोस्तों के साथ नहाने उतरा था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
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घर के पास मिली मौत
बताया जा रहा है कि भडोली स्थित ब्यास नदी के जिस किनारे पर यह हादसा हुआ, वहां से मृतक का घर ज्यादा दूर नहीं है। मृतक की पहचान अंकित कुमार (पुत्र हरदीप सिंह), निवासी गांव बगेड़ के रूप में हुई है।
होली में पसरा मातम
अंकित नादौन में एक कॉफी शॉप पर काम करता था और होली की छुट्टी लेकर घर आया हुआ था। परिवार को क्या मालूम था कि खुशियों का यह पर्व उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दुख लेकर आएगा।
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परिवार पर टूटा पहाड़
पिता हरदीप सिंह पेंटर का काम करते हैं। परिवार में दो बेटे थे- अंकित बड़ा था और छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। बड़े बेटे की असमय मौत ने परिवार को भीतर तक तोड़ दिया है। गांव में हर आंख नम है और हर जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई।
नहाने के दौरान गहराई बनी काल
स्थानीय लोगों के अनुसार चारों युवक दोपहर के समय नदी में नहाने उतरे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक गहरे पानी में फिसलने से वे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने तुरंत शोर मचाया।
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3 युवकों को किया रेस्क्यू
ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों ने तत्परता दिखाते हुए टायर की ट्यूब की मदद से तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इनमें अंकित का भाई भी शामिल था। लेकिन अंकित तेज बहाव और गहराई में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह करीब 15 से 20 मीटर नीचे सरियों के बीच फंस गया था, जिससे उसे निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया।
24 घंटे चला सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही ज्वालामुखी पुलिस मौके पर पहुंची। साथ ही NDRF, SDRF और होमगार्ड के जवानों की टीमें भी राहत कार्य में जुट गईं। NDRF और हिमाचल पुलिस की संयुक्त टीमों ने नदी में कई हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। टीमों को 2-3 भागों में बांटा गया। एक टीम घटना स्थल के आसपास खोजबीन कर रही थी, जबकि दूसरी टीम 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में युवक की तलाश में जुटी थी।
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तेज था पानी का बहाव
हालांकि, पानी का बहाव पिछले दिन की तुलना में ज्यादा था और पानी का रंग धुंधला होने से गोताखोरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके टीमों ने हार नहीं मानी। आखिरकार करीब 24 घंटे की मशक्कत के बाद अंकित का शव उसी स्थान के पास बरामद हुआ, जहां वह नहाने गया था।
मातम में डूबा इलाका
जैसे ही शव बाहर निकाला गया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में सन्नाटा पसर गया। होली के लिए खरीदे गए रंग और गुलाल अब सूने कोनों में पड़े हैं। हरदीप सिंह के घर में चूल्हा तक नहीं जला।
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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों में नहाते समय सावधानी बरतें, खासकर तेज बहाव के दौरान पानी में उतरने से बचें।
