#हादसा
May 31, 2026
हिमाचल घूमने आए थे दो परिवार, खाई में गिरी गाड़ी; चालक सहित 8 की मौ*त- 24 घंटे बाद चला पता
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से खाई से निकाली देह अस्पताल भेजी
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चंबा। हिमाचल प्रदेश की वादियों का आनंद लेने आए दो परिवारों के लिए यह यात्रा कभी न भूलने वाला दर्द बन गई। चंबा जिले के दुर्गम साच पास क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो परिवारों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि पर्यटकों से भरी गाड़ी सड़क से फिसलकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि दुर्घटना ऐसे सुनसान और दुर्गम इलाके में हुई, जहां न तो मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध था और न ही आसपास कोई आबादी थी। इसी वजह से हादसे की जानकारी समय पर नहीं मिल पाई और करीब 24 घंटे बाद जब दुर्घटना का पता चला, तब तक वाहन में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी थी।
जानकारी के अनुसार कर्नाटक के बेंगलुरु से आए दो परिवार हिमाचल भ्रमण पर पहुंचे थे। उन्होंने चंबा क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सैर के बाद साच पास की ओर जाने का कार्यक्रम बनाया। पर्यटक एक टैक्सी वाहन में सवार होकर बर्फ से ढके पहाड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि वाहन जब साच पास मार्ग के कालाबन क्षेत्र के पास पहुंचा तो अचानक नियंत्रण खो बैठा और गहरी खाई में जा गिरा।
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हादसे के बाद सबसे बड़ी समस्या यह रही कि दुर्घटना स्थल अत्यंत दुर्गम और निर्जन क्षेत्र में स्थित था। आसपास कोई बस्ती नहीं थी और मोबाइल नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं था। ऐसे में दुर्घटना के तुरंत बाद किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। उधर, जब काफी समय बीत जाने के बाद भी टैक्सी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची तो वाहन मालिक को संदेह हुआ। उसने वाहन की जीपीएस लोकेशन जांची तो गाड़ी एक ही स्थान पर लंबे समय से स्थिर दिखाई दी। इसके बाद खोजबीन शुरू की गई।
स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू होने के बाद दुर्घटना का पता चला। जब लोग मौके पर पहुंचे तो वाहन सैकड़ों मीटर गहरी खाई में गिरा हुआ मिला। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और वाहन में सवार सभी लोगों की मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर स्थानीय लोग भी स्तब्ध रह गए। हादसे की सूचना प्रशासन और पुलिस को दी गई, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
दुर्घटनास्थल तक पहुंचना बेहद कठिन था। खड़ी पहाड़ियों, खराब मौसम और गहरी खाई के कारण राहत कार्य आसान नहीं था। प्रारंभिक प्रयासों में शवों को बाहर निकालना संभव नहीं हो पाया। अगले दिन सुबह प्रशासन, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। रस्सियों और मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) की मदद से एक-एक कर सभी शवों को खाई से बाहर निकाला गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद यह अभियान पूरा हो सका।
इस हादसे में वाहन चालक सहित कुल आठ लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो परिवारों के सदस्य और बच्चे भी शामिल थे। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जो लोग छुट्टियां बिताने और हिमाचल की खूबसूरती देखने आए थे, उनकी यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। इस घटना ने न केवल मृतकों के परिजनों बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए प्रशासन को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि दुर्गम पहाड़ी मार्ग और तीखे मोड़ दुर्घटना की वजह हो सकते हैं, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। चंबा के साच पास में हुआ यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता की याद दिलाता है। वहीं दो परिवारों के लिए यह यात्रा हमेशा के लिए एक दर्दनाक स्मृति बन गई है।