#हादसा
May 31, 2026
हिमाचल: वोट डालने बाइक पर घर आ रहा था युवक, अज्ञात वाहन ने रौंदा; 4 साल के बेटे का था पिता
होशियारपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत
शेयर करें:

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव लोकतंत्र के उत्सव के रूप में मनाए गए, लेकिन कांगड़ा जिला के एक परिवार के लिए यह चुनाव कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गया। पंचायत चुनाव में मतदान करने के लिए पंजाब से अपने गांव लौट रहे एक युवक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जिस घर में बेटे के आने और चुनाव में भागीदारी को लेकर उत्साह था, वहां कुछ ही घंटों में मातम पसर गया।
मृतक की पहचान जसवां-प्रागपुर क्षेत्र के नंगल चौक निवासी रजनीश चौधरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पंजाब के होशियारपुर स्थित एक निजी उद्योग में कार्यरत थे और 30 मई को होने वाले पंचायत चुनाव में मतदान करने के लिए अपने घर आ रहे थे।
परिजनों के अनुसार रजनीश चौधरी चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने को लेकर बेहद उत्साहित थे। वह 29 मई की शाम मोटरसाइकिल पर होशियारपुर से अपने घर के लिए रवाना हुए थे। परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
बताया जा रहा है कि होशियारपुर के समीप एक अज्ञात वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रजनीश और बाइक पर सवार एक अन्य युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस युवक ने अपने गांव पहुंचकर वोट डालने की तैयारी की थी, वह अपने घर तक भी नहीं पहुंच सका। चुनाव में भाग लेने की उसकी इच्छा अधूरी रह गई और परिवार की खुशियां पलभर में शोक में बदल गईं।
रजनीश चौधरी के निधन ने सबसे बड़ा आघात उनके परिवार को पहुंचाया है। वह अपने पीछे पत्नी और चार वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। अभी जिस बच्चे को अपने पिता की उंगली पकड़कर जीवन की राह पर आगे बढ़ना था, उसके सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। गांव के लोगों का कहना है कि रजनीश मेहनती, मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वह परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे थे और अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे।
हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पंचायत चुनाव के माहौल के बीच अचानक आई इस दुखद खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। ग्रामीणों और परिचितों ने परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। रविवार को नम आंखों के साथ सैकड़ों लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर रजनीश चौधरी को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा और हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि वोट डालने के लिए घर लौट रहा एक युवा जिंदगी की जंग हार गया।
परिजनों का कहना है कि रजनीश परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके असमय निधन के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि परिवार का भविष्य सुरक्षित किया जा सके। लोकतंत्र के पर्व में शामिल होने निकले एक युवा की इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं कांगड़ा के इस परिवार के लिए पंचायत चुनाव की यह तारीख जिंदगी भर का दर्द बन गई है।