#हादसा
May 30, 2026
हिमाचल: रेलिंग तोड़ चमेरा में गिरी पिकअप, 22 वर्षीय चालक लापता; परिजनों ने जताई ह*त्या की आशंका
कुछ दूरी पर मिली चालक की चप्पल और स्टेपनी, परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला से एक बेहद दिल दहला देने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां चमेरा बांध के समीप एक मालवाहक वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए सीधे बांध के गहरे पानी में जा समाया है। हादसा इतना भयावह था कि वाहन कुछ ही पलों में पानी की गहराइयों में गायब हो गया।
दुर्घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी न तो वाहन का कोई पता चल पाया है और न ही चालक का कोई सुराग मिल सका है। घटनास्थल के पास मिले कुछ अहम सुरागों ने चालक के पानी में डूबने की आशंका को और गहरा कर दिया है। हादसे की खबर मिलते ही चालक के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मालवाहक वाहन सड़क से गुजर रहा था कि अचानक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। वाहन तेज गति से सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग को तोड़ता हुआ सीधे चमेरा बांध के जलाशय में जा गिरा। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वाहन गहरे पानी में समा गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई।
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हादसे के बाद जब स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे तो घटनास्थल से कुछ दूरी पर पानी में तैरती हुई चालक की चप्पल और वाहन का अतिरिक्त टायर (स्टेपनी) बरामद हुआ।
बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचे चालक के परिजनों ने चप्पलों की पहचान की है। इसके बाद चालक के वाहन के साथ ही पानी में डूब जाने की आशंका और अधिक प्रबल हो गई है। इन सुरागों ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है, जबकि हर गुजरते घंटे के साथ उम्मीदें भी कमजोर पड़ती जा रही हैं।
वाहन चालक की पहचान जिला चंबा के किहार क्षेत्र के डांड गांव के 22 वर्षीय युवक के रूप में हुई है। परिजनों ने इस मामले में किसी साजिश या हत्या की आशंका भी जाहिर की है। परिजनों का कहना है कि उनका बेटा अपना पिकअप वाहन लेकर मुर्गे खरीदने के लिए किहार से पठानकोट जा रहा था। लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। परिजनों का कहना है कि उसका मोबाइल रात आठ बजे के करीब बंद हो गया था।
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परिजनों का दावा है कि युवक के पास पोल्ट्री कारोबार के लिए 8 से 10 लाख रुपये नकद थे। ऐसे में उसके साथ किसी तरह की आपराधिक साजिश और हत्या से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर युवक और उसके वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। जलाशय की गहराई और पानी की स्थिति को देखते हुए गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव दल ने कई घंटों तक वाहन और चालक की तलाश की, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी। अधिकारियों का कहना है कि बांध का गहरा पानी और सीमित दृश्यता तलाश अभियान में सबसे बड़ी चुनौती बन रही है।
अंधेरा होने के कारण शुक्रवार शाम को तलाश अभियान रोकना पड़ा था। शनिवार सुबह एक बार फिर बचाव दल ने युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गोताखोरों और राहत दल की टीमें जलाशय के अलग-अलग हिस्सों में वाहन और चालक की तलाश कर रही हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
हादसे की सूचना मिलते ही चालक के घर में मातम पसर गया। परिजन लगातार घटनास्थल और प्रशासन से संपर्क बनाए हुए हैं। परिवार के लोगों की निगाहें बचाव दल के अभियान पर टिकी हुई हैं, लेकिन अभी तक किसी सकारात्मक खबर का इंतजार जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार बेहद सदमे में है और पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चिंता और दुख का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वाहन अनियंत्रित होने की वजह क्या थी। दुर्घटना के पीछे चालक की असावधानी, वाहन में तकनीकी खराबी या सड़क की परिस्थितियां जिम्मेदार थीं, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता जलाशय में समाए वाहन और लापता चालक का पता लगाना है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई चालक के बारे में किसी ठोस जानकारी का इंतजार कर रहा है।