#हादसा
May 30, 2026
हिमाचल: 3 बच्चों ने खो दिया पिता, घर लौट रहे होमगार्ड जवान को ऐसे मिली मौ*त, सदमें में परिवार
बूढ़ी मां और पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक मामूली सी चूक ने न केवल एक परिवार से उसका कमाऊ बेटा छीन लिया, बल्कि प्रदेश ने अपना एक बहादुर होमगार्ड जवान भी खो दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। जवान की असमय मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है, जबकि बुजुर्ग मां और पत्नी का सहारा भी छिन गया है।
मृतक की पहचान 46 वर्षीय प्रकाश चंद पुत्र विश्वेश्वर निवासी शक्तिदेहरा (लाहड़ी), पंचायत निहुई जिला चंबा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार प्रकाश चंद गुरुवार शाम बाजार से अपने घर लौट रहे थे। वह अपने घर से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर पहुंचे थे कि अचानक रास्ते में बने एक डंगे (रिटेनिंग वॉल) के पास उनका पैर फिसल गया। अचानक संतुलन बिगड़ने से वह करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरे। हादसा इतना भयावह था कि उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह खाई में ही पड़े रहे। किसी को भी इस घटना की भनक नहीं लग सकी।
देर रात जब कुछ ग्रामीण अपने कामकाज से लौट रहे थे तो उनकी नजर खाई में पड़े प्रकाश चंद पर पड़ी। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी और सभी लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और परिजनों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा ले जाने लगे। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रकाश चंद ने दम तोड़ दिया।
प्रकाश चंद की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों के टूटने की कहानी है। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और होमगार्ड जवान के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनके निधन से परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से गहरे संकट में आ गया है। उनके जाने से बुजुर्ग मां ने अपना बेटा खो दिया, पत्नी ने अपना जीवनसाथी और तीन बच्चों ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया।
प्रकाश चंद अपने पीछे 24 और 22 वर्ष की दो बेटियों तथा 19 वर्षीय बेटे सहित पत्नी और बुजुर्ग मां को छोड़ गए हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। अब उनकी असामयिक मौत के बाद बच्चों के भविष्य और परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रकाश चंद बेहद मेहनती, मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति थे। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
शुक्रवार को प्रकाश चंद का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग शामिल हुए। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका कहना है कि प्रकाश चंद का निधन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्गम रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घर पहुंचने से कुछ कदम पहले हुई यह दुर्घटना पूरे इलाके को झकझोर गई है। हर कोई यही कह रहा है कि अगर यह हादसा न हुआ होता तो आज एक परिवार का सहारा और प्रदेश का एक बहादुर होमगार्ड जवान उनके बीच मौजूद होता। प्रकाश चंद की मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे दुख में डुबो दिया है। अब पीछे रह गए उनके परिजनों की आंखों में केवल अपने प्रियजन की यादें और भविष्य की अनिश्चितताओं का दर्द बाकी है।