सिरमौर। कई बार लोग सैकड़ों किलोमीटर का सफर सिर्फ एक दुआ, एक दर्शन और एक भरोसे के लिए तय करते हैं। लेकिन कभी-कभी यही यात्रा जीवन की आखिरी यात्रा बन जाती है। सिरमौर के त्रिलोकपुर में मां बाला सुंदरी के दरबार में ऐसा ही एक दृश्य सामने आया, जहां श्रद्धा से भरा एक परिवार पल भर में मातम में डूब गया।
मंदिर की सीढ़ियों पर बिगड़ी तबीयत
हरियाणा के अंबाला जिले के शहजादपुर से परिवार के साथ त्रिलोकपुर पहुंचे 65 वर्षीय रामेश्वर दास महामाया माता बाला सुंदरी के दर्शन के लिए मंदिर की सीढ़ियां चढ़ रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें चक्कर आया और वे सीढ़ियों पर ही गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
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अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
बुजुर्ग की हालत देख पास ही प्रसाद बेच रहे एक दुकानदार ने तुरंत मदद के लिए आगे बढ़ते हुए अपनी गाड़ी से उन्हें अस्पताल ले जाने की पेशकश की। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें फौरन अस्पताल की ओर लेकर निकले, ताकि समय रहते इलाज मिल सके।
लेकिन दुर्भाग्यवश अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामेश्वर दास ने दम तोड़ दिया। यह खबर मिलते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी शोक का माहौल छा गया।
दिल का दौरा पड़ने की आशंका
मृतक के पुत्र रिंकू शर्मा ने बताया कि उनके पिता को संभवतः दिल का दौरा पड़ा था। उन्होंने कहा कि परिवार पूरी श्रद्धा के साथ माता के दर्शन के लिए आया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा इतनी दर्दनाक मोड़ ले लेगी।
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देह लेकर लौटे परिजन
परिजनों ने किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करवाई और आवश्यक औपचारिकताओं के बिना ही पार्थिव देह को अपने गृह नगर शहजादपुर ले जाने का निर्णय लिया। पिता की अचानक मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
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घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि आस्था की राह पर निकले हर यात्री के साथ जीवन की अनिश्चितता भी कदम से कदम मिलाकर चलती है।
