#हादसा
May 21, 2026
हिमाचल नशा मुक्ति केंद्र से भागे 3 युवक- दोस्त की गाड़ी में हुए फरार, कुछ ही घंटों में चारों की मौ.त
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, परिजनों का जताई नाराजगी
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के नूरपुर से एक बेहद दुखद और सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। नूरपुर के नागावाड़ी स्थित संजीवनी फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र से लापता हुए तीन युवकों की पंजाब में हुए एक सड़क हादसे में मौत हो गई।
हादसे में उनके साथ कार चला रहे उनके दोस्त की भी जान चली गई। इस घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात नशा मुक्ति केंद्र से नरेश कुमार, विनोद कुमार और राही अचानक लापता हो गए थे। बताया जा रहा है कि तीनों युवक अपने दोस्त विक्की विक्रम के साथ कार में अमृतसर की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान गुरदासपुर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर नौशहरा मज्जा सिंह के पास उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि विक्की विक्रम भदरोया क्षेत्र में कार्यरत था और वही अपनी कार में युवकों को लेकर पंजाब की ओर जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों राज्यों की पुलिस हरकत में आई और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि जब केंद्र में सुरक्षा गार्ड तैनात थे, तो फिर तीनों युवक वहां से बाहर कैसे निकल गए। आखिर ऐसी कौन सी चूक हुई कि देर रात युवक केंद्र छोड़कर बाहर निकल गए और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
परिजनों ने इस मामले में गहरी नाराजगी जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते युवकों के बाहर जाने की सूचना दी जाती या सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती, तो शायद आज चार जिंदगियां बच सकती थीं।
SP नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र से युवकों के लापता होने की शिकायत परिजनों द्वारा दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी थी। अब हादसे के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। साथ ही नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल की जाएगी।