कांगड़ा। पहाड़ी सड़कों पर सफर जितना सुहावना होता है, उतना ही जोखिम भरा भी। खासकर देर रात या तड़के सुबह के समय जब दृश्यता कम हो और वन्य जीवों की आवाजाही बढ़ जाती है- तब जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है।
खाई में गिरी टैक्सी
ताजा मामला हिमाचल के कांगड़ा जिले से सामने आया है। यहां बणी-परागपुर मार्ग पर कुछ ऐसा ही हुआ, जहां एक टैक्सी अनियंत्रित होकर सड़क से खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त गाड़ी में ड्राइवर समेत दो लोग सवार थे।
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तड़के पेश आया हादसा
आपको बता दें कि पुलिस थाना रक्कड़ के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग पर आज सुबह करीब तीन बजे यह हादसा पेश आया। टैक्सी चालक नीरज चंदेल चंडीगढ़ से एक श्रद्धालु को लेकर शक्तिपीठ माता बगलामुखी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे।
टैक्सी के आगे आया नीलगायों का झुंड
रास्ता सुनसान था और अंधेरा भी गहरा था। चालक के अनुसार, जैसे ही वाहन बणी-परागपुर मार्ग के एक मोड़ के पास पहुंचा, अचानक सड़क के बीचों-बीच जंगली नीलगायों का झुंड आ गया। अंधेरे में जानवरों के अचानक सामने आने से चालक घबरा गया।
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जानवरों को बचाने के चक्कर में...
जानवरों को बचाने के प्रयास में उसने स्टेयरिंग मोड़ा, लेकिन वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते टैक्सी सड़क किनारे से फिसलती हुई करीब 10 फीट नीचे ढांक में जा गिरी। गिरते समय वाहन के अगले हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा और शीशे भी टूट गए।
मौके पर मची चीख-पुकार
गनीमत रही कि इस हादसे में वाहन में सवार श्रद्धालु और ड्राइवर में से किसी को भी एक खरोंच तक नहीं आई। हादसे के वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई। चालक नीरज चंदेल के हाथ में हल्की चोटें आईं, जिनका मौके पर ही प्राथमिक उपचार कर दिया गया।
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गाड़ी में फंसे थे दोनों
स्थानीय लोगों की मदद से वाहन से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि वाहन की गति थोड़ी अधिक होती या ढांक अधिक गहरी होती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे।
वन्य जीवों की बढ़ती आवाजाही
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बणी-परागपुर मार्ग पर रात के समय जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खासकर नीलगाय और अन्य वन्य जीव अक्सर सड़क पार करते देखे जाते हैं। ऐसे में रात के समय वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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चेतावनी संकेतक बोर्ड लगेंगे
घटना के बाद लोक निर्माण विभाग (परागपुर) हरकत में आया है। विभाग के सहायक अभियंता राजन कौशल ने बताया कि दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। जहां आवश्यक होगा, वहां चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही संवेदनशील मोड़ों और ढलानों पर क्रैश बैरियर लगाने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
क्या बोली पुलिस टीम?
स्थानीय पुलिस के अनुसार, अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक केस दर्ज नहीं किया गया है। शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण अचानक वन्य जीवों का सड़क पर आना माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने वाहन चालक से घटना संबंधी जानकारी ली है और इलाके में सतर्कता बढ़ाने की बात कही है।
