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July 10, 2026

हिमाचल में बारिश ने मचाया हाहाकार : पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौ*त

पहाड़ी से एक बुजुर्ग पर गिरा पत्थर 

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Himachal Pradesh Kullu  Ani news

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कहीं पहाड़ दरक रहे हैं तो कहीं सड़कों पर मलबा और चट्टानें गिर रही हैं। जिसके कारण कई लोगों की मौतें हो चुकी है। अब ताजा मामला जिला कुल्लू से सामने आया है। यहां पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई।  

पहाड़ी से एक बुजुर्ग पर गिरा पत्थर 

जानकारी के अनुसार कुल्लू जिले के आनी उपमंडल के बुआंदा गांव निवासी 70 वर्षीय शिव राम शुक्रवार दोपहर करीब 12:20 बजे पैदल अपने गांव बुआंदा से च्वाई की ओर जा रहे थे। इसी दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें गिरने लगीं। शिव राम संभल पाते, उससे पहले ही वह पत्थरों की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

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अस्पताल में तोड़ा दम 

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए घायल शिव राम को उपचार के लिए सिविल अस्पताल आनी पहुंचाया, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर थी। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

पोस्टमार्टम कर परिवार को सौंपा शव

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। वहीं, राजस्व विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण कर घटना की रिपोर्ट तैयार की है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है।

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25 हजार रुपये की दी अंतरिम सहायता

प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 25 हजार रुपये की अंतरिम सहायता प्रदान की गई है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

सोलन में चलते वाहन पर गिरा मलबा, पांच लोग घायल

सोलन जिले के कुनिहार क्षेत्र में शुक्रवार सुबह सरली से कुनिहार की ओर जा रही एक इनोवा कार अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे की चपेट में आ गई। यह हादसा नरवाड़ गांव के पास हुआ।

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तेज बारिश के कारण पहाड़ी का हिस्सा टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरा और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार में सवार पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।

CM आवास के पास गिरा विशाल पेड़

भारी बारिश का असर राजधानी शिमला में भी साफ देखने को मिला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरकारी आवास ओक ओवर के पास बैनमोर रोड पर शुक्रवार सुबह एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से बिजली का खंभा टूट गया और सड़क किनारे लगी लोहे की रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो गई।

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राहत की बात यह रही कि उस समय सड़क पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही नगर निगम, बिजली बोर्ड और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद पेड़ हटाकर सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया।

भट्टाकुफर में भूस्खलन, घरों की छतों पर गिरी बिजली की तारें

शिमला के भट्टाकुफर स्थित माठू कॉलोनी में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हो गया। इसके चलते बिजली की तारें टूटकर कई घरों की छतों पर जा गिरीं। सुरक्षा के लिहाज से बिजली विभाग ने पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। साथ ही पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के चलते उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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भारी बारिश के चलते जेपी नड्डा का लाहौल-स्पीति दौरा रद्द 

लगातार खराब मौसम को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा का 11 और 12 जुलाई को प्रस्तावित लाहौल-स्पीति दौरा फिलहाल रद्द कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद नई तारीख तय की जाएगी।

किन्नौर में हालात बेहद गंभीर, उफान पर नदियां-नाले 

जनजातीय जिला किन्नौर में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। जिले की छोटी-बड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। कई जगहों पर भूस्खलन हो रहा है और पहाड़ियों से लगातार मलबा गिर रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि बारिश थमने का नाम नहीं ले रही।

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सांगला का बैली ब्रिज खतरे में, टूटा तो कटेगा पूरी घाटी का संपर्क 

सबसे ज्यादा चिंता सांगला के पास बने मुख्य बैली ब्रिज को लेकर है। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण पुल के आसपास की जमीन कमजोर हो गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि पुल को नुकसान पहुंचा या वह बह गया, तो पूरी सांगला घाटी का संपर्क जिला मुख्यालय सहित देश-दुनिया से कट जाएगा। इससे हजारों लोगों की आवाजाही, राशन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, पर्यटकों से भी सतर्क रहने की अपील

हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित इलाकों के आसपास बिल्कुल न जाएं। बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहें। राहत और बचाव दलों को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।

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मुख्यमंत्री बोले- प्रदेश में 124 सड़कें बंद, 442 ट्रांसफार्मर ठप

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि 10 जुलाई सुबह 10 बजे तक प्रदेश में 124 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा 442 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाकों में बिजली गुल है। वहीं 19 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले तक हालात इतने खराब नहीं थे, लेकिन लगातार बारिश के कारण नुकसान तेजी से बढ़ा है। सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

विकासनगर में गाड़ियों पर गिरे पत्थर 

शिमला के विकासनगर इलाके में भी बारिश के कारण पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटना सामने आई। सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि इस दौरान कोई व्यक्ति वहां मौजूद नहीं था, जिससे जानी नुकसान नहीं हुआ।

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कमजोर पेड़ों का सर्वे कराने की उठी मांग

बैनमोर वार्ड की पार्षद शीनम कटारिया ने कहा कि जिस पेड़ के गिरने की घटना हुई, उसके गिरने की पहले कोई आशंका नहीं थी। उन्होंने वन विभाग से शहर के पुराने, सूखे और कमजोर पेड़ों का जल्द सर्वे कराने और समय रहते उन्हें हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में अगले छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि शिमला और सोलन में भारी वर्षा होने की संभावना है। मंडी, कुल्लू और किन्नौर में भी मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

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24 घंटे में कई इलाकों में बारिश रिकॉर्ड

पिछले 24 घंटों के दौरान सिरमौर जिले के पच्छाद में सबसे अधिक 21 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नाहन में 16 सेंटीमीटर, कसौली में 15 सेंटीमीटर, धर्मपुर (सोलन) में 14 सेंटीमीटर तथा सोलन और पालमपुर में 11-11 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बंद होने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

फ्लैश फ्लड और तेज हवाओं का भी खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा 10 से 15 जुलाई के बीच कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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लिप्पा में गुरुवार को आई थी अचानक बाढ़

गुरुवार को किन्नौर के लिप्पा इलाके में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से तीन मकान, एक गौशाला और कई सेब के बागों को नुकसान पहुंचा था। वहीं 100 फुट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे गांव का संपर्क बाकी इलाके से टूट गया।

13 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

सांगला के तहसीलदार हरदयाल सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर प्रभावित 13 लोगों को जीरा फार्म में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।

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लोहे का पुल डूबा, गांव का संपर्क पूरी तरह कटा

अधिकारियों के अनुसार पेजर नाला का जलस्तर अचानक बढ़ने से टेटी खड्ड का बहाव रुक गया और 100 फुट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह पानी में डूब गया। इसके बाद लिप्पा गांव का बाकी किन्नौर से संपर्क टूट गया। पुल के आसपास बने कई मकानों पर भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी तरह का जोखिम न उठाने की अपील की है।

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