बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक तेंदुए ने 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची पर हमला कर दिया। बच्ची के साथ ये घटना उसके घर के पास घटी है।
बच्ची पर तेंदुए ने किया हमला
घटना के वक्त बच्ची घर के पास बकरियां चरा रही थी। इसी दौरान तेंदुए ने उसे पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। लोग अब घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
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जंगली जानवरों के आतंक से सहमे लोग
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में अब जंगली जानवरों का आतंक तेजी से बढ़ता जा रहा है। इंसानी बस्तियों में तेंदुओं और भालुओं की बढ़ती आमद से ग्रामीणों में भय का माहौल है। झंडूता उपमंडल की ग्रााम पंचायत बैहना जट्टां में पेश आई इस घटना ने एक बार फिर लोगों की नींद उड़ा दी है।
बच्ची की बहादुरी से भागा तेंदुआ
यह घटना बीती कल शाम करीब साढ़े चार बजे की बताई जा रही है। जब गांव के मनोहर लाल की बेटी पर एक तेंदुए ने हमला कर दिया। मगर बच्ची की बहादुरी से तेंदुआ मौके से भाग निकला। यह मंजर देखकर गांववाले भी दहशत में आ गए।
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बकरियों पर झपटा तेंदुआ
बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने घर के पास बकरियों को चरने छोड़ा था। तभी झाड़ियों के पीछे छिपा तेंदुआ अचानक बकरियों पर झपटा और एक बकरी को बुरी तरह जख्मी कर दिया। तेंदुआ बकरी को जबड़े में दबोच कर जंगल की ओर ले जाने की फिराक में था।
बच्ची को ले जाने लगा तेंदुआ
बकरियों को तेंदुए के चुंगल से बचाने के लिए बच्ची आगे बढ़ी तो तेंदुए ने उस पर भी झपटा मार दिया। इसके बावजूद बच्ची डरी नहीं और ना ही उसने हार मानी। बच्ची ने किसी तरह खुद का बचाव किया और जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया।
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जंगल की ओर भागा तेंदुआ
बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर गांववाले मौके पर पहुंचे। भीड़ को देखकर तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया। तेंदुए के हमले से एक बकरी गंभीर रूप से घायल हो गई है। जबकि, बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना के बाद ग्रामीण काफी डरे हुए हैं और बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से भी घबरा रहे हैं।
लोगों में डर का माहौल
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है जब तेंदुओं ने हमला किया हो। बीते वर्षों में भी कई बार जंगली जानवरों द्वारा मवेशियों और लोगों पर हमले हुए हैं। वन विभाग ने पहले कुछ जगहों पर पिंजरे लगाकर तेंदुओं को पकड़ने की कोशिश की थीए लेकिन लंबे समय से शांति बनी हुई थी।
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प्रशासन और वन विभाग को दी गई सूचना
गांववालों ने घटना की जानकारी चौपाल प्रशासन और वन विभाग को दे दी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उनका कहना है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और पिंजरे दोबारा लगाए जाएं।
