नई दिल्ली/ धर्मशाला। केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली खुफिया रिपोर्ट के बाद बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को अब जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी। गुरुवार को केंद्र सरकार ने दलाई लामा को 33 सीआरपीएफ कमांडो की एक पूरी टीम सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराने को कहा है। केंद्र को आईबी से मिली खुफिया रिपोर्ट में बौद्ध धर्मगुरु की सुरक्षा को खतरा बताया गया है।

घर और बाहर होगी चाक-चौबंद सुरक्षा

दलाई लामा की सिक्योरिटी में तैनात 33 में से 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड शामिल हैं जो उनके घर पर रहेंगे। इसके अलावा 6 कमांडो चौबीसों घंटे  और 12 कमांडो तीन शिफ्ट में तैनात रहेंगे। आर्म्ड एस्कॉर्ट के कमांडो, 2 वॉचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे।

 

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उनके आवास पर तैनात सशस्त्र स्टैटिक गार्ड, चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने वाले निजी सुरक्षा अधिकारी और शिफ्ट में सशस्त्र अनुरक्षण करने वाले कमांडो शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित ड्राइवर और निगरानी कर्मी हर समय ड्यूटी पर रहेंगे।

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पीएम मोदी को मिली है सबसे तगड़ी सुरक्षा

भारत सरकार ने अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए पांच कैटेगरी बना रखी है। इसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है। भारत के पीएम नरेंद्र मोद को ही एसपीजी सिक्योरिटी  मिली हुई है। इसके बाद Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी जाती है। इस पर हर माह 20 लाख रुपए तक का खर्च आता है। फिर आती है Z श्रेणी की सुरक्षा, जो सीआरपीएफ के चुने हुए कमांडो संभालते हैं।

 

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1959 से भारत में रह रहे हैं दलाई लामा

तिब्बत में चीनी शासन से भागने के बाद तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 1959 से भारत में रह रहे हैं। उनके वैश्विक प्रभाव और तिब्बत के इर्द-गिर्द संवेदनशील भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए भारत सरकार उन्हें उच्च-स्तरीय सुरक्षा कवर प्रदान करती है।

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