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May 23, 2026

हिमाचल में फिर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल: 10 दिन में तीसरी बार बढ़े दाम; 100 के पार हुआ आंकड़ा

लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों पर बोझ

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himachal Oil Price

शिमला। हिमाचल प्रदेश समेत पूरे देश में बढ़ती महंगाई का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव और ज्यादा बढ़ गाया है। शनिवार को हुई ताजा बढ़ोतरी में पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। लगातार बढ़ रहे दामों से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।

शिमला में पेट्रोल 100 रुपये के करीब पहुंचा

ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के बेहद करीब पहुंच गई हैं। यहां सामान्य पेट्रोल अब 99.96 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं प्रीमियम या पावर पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 109.18 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। इसके अलावा डीजल की कीमत भी बढ़कर 91.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो खासकर परिवहन और माल ढुलाई के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पहले 3 रुपए, फिर 90 पैसे बढ़े थे रेट 

बता दें कि पिछले 10 दिनों में ही पेट्रोल डीजल के दाम तीसरी बार बढ़ गए हैं। इससे पहले इसी हफ्ते पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, उसके कुछ दिन पहले भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। अब तीसरी बार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से लोगों पर महंगाई का बोझ और अधिक बढ़ गया है।

 

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लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों पर बोझ

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सबसे सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। डीजल महंगा होने से ट्रकों और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ना तय माना जा रहा है। जैसे ही ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ती है, वैसे ही बाजार में हर चीज महंगी होने लगती है।सब्जियां, फल, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बजट पर पड़ता है, जो पहले से ही महंगाई से परेशान हैं।

सेब किसानों की चिंता बढ़ी

हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी और खासकर सेब उत्पादन की अहम भूमिका है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सेब को बागानों से मंडियों तक पहुंचाने का खर्च बढ़ जाएगा। इससे किसानों का मुनाफा कम होने की आशंका है। दूसरी तरफ, ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण बाजार में सेब के दाम भी बढ़ सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ेगी।

 

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क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम ?

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव इसका मुख्य कारण है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक सप्लाई में अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल का सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिखता है।

महंगाई का दबाव और बढ़ा

लगातार बढ़ते ईंधन दामों ने महंगाई का दबाव और बढ़ा दिया है। ट्रांसपोर्ट से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज पर असर पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में आम जनता के खर्च और ज्यादा बढ़ सकते हैं और घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो सकता है।

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