शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और पांच लाख रुपए के जुर्माने के बाद आखिरकार प्रदेश सरकार ने भू.संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति कर दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त रहे सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आरडी धीमान को रेरा का चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि रिटायर आईएएस अमित कश्यप को रेरा का सदस्य बनाया गया है।

31 दिसंबर से खाली चल रहा था पद

इससे पहले रेरा के पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत बाल्दी के 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली चल रहा था। सरकार ने अंतरिम रूप में प्रिंसिपल सेक्रेटरी (हाउसिंग) देवेश कुमार को इसका अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था। लेकिन रेरा जैसे संवेदनशील और प्रभावशाली नियामक प्राधिकरण में नियमित नियुक्ति में अनावश्यक देरी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।

 

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20 आईएएस अधिकारियों के आए थे आवेदन

सरकार ने रेरा चेयरमैन के लिए इच्छुक दावेदारों से आवेदन मांगे थे और 20 से अधिक आईएएस अधिकारियों ने इसमें रुचि दिखाई। आवेदकों की छंटनी के बाद नाम हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली चयन समिति को भेजे गए, जिसने मार्च के आखिरी सप्ताह में साक्षात्कार लिए और नामों को सीलबंद लिफाफे में सरकार को सौंप दिया।

प्रबोध सक्सेना भी थे दावेदार

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना भी चेयरमैन पद के दावेदार थे, लेकिन केंद्र सरकार से मिले छह माह के सेवा विस्तार के चलते उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई। इसके बाद सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को लंबे समय तक ठंडे बस्ते में डाल दिया। ऐसा माना जा रहा था कि सरकार प्रबोध सक्सेना के छह माह सेवा विस्तार के खत्म होने का इंतजार कर रही थी। लेकिन उससे पहले यह मामला हिमाचल हाईकोर्ट की निगरानी में आ गया। 

 

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हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार

20 जून को हाईकोर्ट ने नियुक्तियों में देरी पर सख्त टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह भी पूछा कि कहीं कार्यालय स्थानांतरण की आड़ में जानबूझकर नियुक्ति प्रक्रिया को तो नहीं टाला जा रहा। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 25 जून तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी न करने पर सरकार के खिलाफ न्यायिक आदेश पारित किए जाएंगे।

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अंततः कोर्ट की सख्ती के बाद सुक्खू सरकार ने हरकत में आते हुए नियुक्तियां पूरी कीं। अब देवेश कुमार अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त हो गए हैं और रेरा प्राधिकरण में अध्यक्ष सहित तीनों सदस्यों का कोरम पूरा हो गया है, जिनमें विदुर मेहता पहले से सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। यह नियुक्ति प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को एक नई गति देने के साथ.साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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