शिमला। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सीजन अब कहर बनकर बरसने लगा है। रविवार को मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के लिए इस सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी प्रदेश के आठ जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन के लिए दी गई है, जहां आज रात तक भीषण बारिश होने की संभावना जताई गई है। चंबा और कुल्लू के कुछ हिस्सों में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

अगले चार दिन तक नहीं मिलेगी राहत

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 10 जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार से पांच दिनों तक भी बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे जनजीवन अस्त.व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले चार से पांच दिन तक प्रदेश भर में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

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9 दिन में 39 लोगों की मौत

हिमाचल में मानसून ने दस्तक देते ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। 20 जून से 29 जून के बीच प्रदेश में भारी बारिश से हुई घटनाओं में 39 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 81 लोग घायल हुए हैं। इसी तरह से चार लोग अभी भी लापता है, जिनकी तलाश में जिला प्रशासन की टीमें जुटी हुई है। इसमें सबसे अधिक 19 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। इसके अलावा फ्लैश फ्लड की घटनाओं में 7, पानी के तेज बहाव में बहने से 6, पहाड़ी से गिरने से 3, बिजली का करंट लगने से 2 और अन्य कारणों से भी दो लोगों की मौत हुई है।

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ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा

मंडी जिले में पंडोह डैम पूरी तरह भर चुका है। जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इसके सभी पांच गेट खोल दिए हैं। डैम से छोड़ा गया पानी ब्यास नदी में बहते हुए संधोलए सुजानपुरए नादौनए देहरा होते हुए पोंग डैम पहुंचेगा और अंततः पंजाब के तलवाड़ा क्षेत्र में प्रवेश करेगा। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर मंडी जिला प्रशासन और नगर निगम ने लाउडस्पीकरों के माध्यम से लोगों को नदी किनारे नहीं जाने की सख्त चेतावनी दी है।

 

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इसी तरह मंडी के गोहर और आसपास के इलाकों में ज्यूनी खड्ड का जलस्तर रातोंरात खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इस खड्ड का पानी पंडोह डैम से करीब 10 किलोमीटर दूर ब्यास नदी में मिलता है। भारी बारिश के कारण खड्ड के किनारे बने घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।

चंडीगढ़-शिमला नेशनल हाईवे पर भूस्खलन

आज सुबह चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर धर्मपुर के पास चक्की मोड़ के नजदीक भारी भूस्खलन हुआ, जिससे हाईवे की एक लेन पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मलबा हटाने का कार्य शुरू किया और दोपहर 12 बजे तक ट्रैफिक दोनों लेन पर बहाल कर दिया गया, हालांकि इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।

 

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कालका-शिमला रेलमार्ग भी प्रभावित

मौसम के बिगड़ते मिजाज का असर कालका-शिमला रेलमार्ग पर भी पड़ा है। रविवार सुबह इस ऐतिहासिक रेललाइन पर भी एक स्थान पर भूस्खलन हुआ, जिससे रेल यातायात बाधित हो गया। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें हाई अलर्ट मोड पर हैं। सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं और राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।

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