रिकांगिपओ। किन्नौर कैलाश यात्रा को लेकर चल रहे विरोध और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच आखिरकार जिला प्रशासन ने यात्रा को हरी झंडी दे दी है। अब श्रद्धालु 30 जुलाई से 10 अगस्त तक बाबा किन्नौर कैलाश के पवित्र दर्शन कर सकेंगे।
विरोध के बीच किन्नर कैलाश यात्रा को मंजूरी
प्रशासन ने यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की सुरक्षा, पंजीकरण व्यवस्था और आपदा प्रबंधन सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का दावा किया है। जबकि, यात्रा की अवधि मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
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कब से शुरू हो रही यात्रा?
आपको बता दें कि किन्नौर कैलाश की वार्षिक यात्रा इस साल 30 जुलाई, गुरुवार से शुरू होगी। जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। फिलहाल यात्रा 10 अगस्त, सोमवार तक प्रस्तावित है। वहीं, अगर मौसम अनुकूल रहा तो प्रशासन आवश्यकता के अनुसार इसकी अवधि बढ़ाने पर भी फैसला ले सकता है।
पहले टालनी पड़ी थी यात्रा
प्रशासन के अनुसार यात्रा मार्ग का प्रारंभिक निरीक्षण किए जाने पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा सामने आया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए पहले यात्रा को टाल दिया गया था।
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अब दी यात्री को शुरू करने की मंजूरी
मगर बाद में विशेषज्ञों की टीम ने दोबारा पूरे रास्ते का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य, रास्ते की मरम्मत और सुरक्षा उपाय पूरे किए गए। इसके बाद यात्रा को शुरू करने की मंजूरी दी गई।
कैसे कर सकते हैं पंजीकरण?
प्रशासन ने इस वर्ष भी यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा है। 28 जुलाई, मंगलवार से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होगा। जबकि 30 जुलाई, गुरुवार से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। बिना वैध पंजीकरण किसी भी व्यक्ति को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी।
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एक दिन में कितने श्रद्धालु होंगे रवाना?
बताया जा रहा है कि रोजाना 375 यात्रियों को यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाएगी- जो कि अलग-अलग श्रेणियों के जाएंगे। जैसे कि-
- ऑनलाइन पंजीकरण
- ऑफलाइन पंजीकरण
- एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन
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निर्धारित मार्ग से ही होगी पूरी यात्रा
इस बार प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा केवल अधिकृत तंगलिंग–मेलिंग खट्टा–गुफा मार्ग से ही संचालित होगी। किसी अन्य वैकल्पिक रास्ते का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
हर जरूरी सुविधा मिलेगी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जैसे कि-
- चिकित्सा सहायता के लिए डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की तैनाती की जाएगी।
- सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान लगातार मौजूद रहेंगे।
- पेयजल व्यवस्था
- संचार व्यवस्था
- यातायात नियंत्रण
- आपदा प्रबंधन
- वन सुरक्षा
- राजस्व विभाग के कर्मचारियों की भी अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
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टेंट संचालकों को भी दिए गए विशेष निर्देश
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सेवाएं देने वाले सभी टेंट संचालकों को प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। उन्हें-
- निर्धारित समय के भीतर शपथ-पत्र जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रत्येक श्रद्धालु को यात्रा शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी जानकारी
- मौसम की सावधानियां
- यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले आवश्यक नियमों की जानकारी देना
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श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन भरोसा दिलाया है कि यात्रा अवधि के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और राहत से जुड़े सभी विभाग पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। इसी के साथ प्रशासन ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि-
- वे मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखें।
- प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें
- सिर्फ विधिवत पंजीकरण के बाद ही यात्रा शुरू करें।
- ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना आवश्यक है।
