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September 4, 2026
हिमाचल में फिर भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट पर प्रदेश के कई जिला; सावधान रहें लोग
हिमाचल में मानसून ने अब तक छीन ली 266 की सांसें
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून ने इस बार बारिश का कुल आंकड़ा भले ही सामान्य से नीचे रखा हो, लेकिन कुछ घंटों की तेज बारिश ने कई बार भारी तबाही मचाई है। अब एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ने का अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार रात तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर कांगड़ा और सिरमौर में शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं रविवार से मानसून के कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है।
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मौसम विभाग ने कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं चंबा, सोलन, शिमला, सिरमौर और मंडी में हल्की से मध्यम बारिश को लेकर यलो अलर्ट है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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मौसम विभाग के जिला-वार पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को कांगड़ा और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 4 और 5 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 4 से 6 सितंबर तक मैदानी, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं का खतरा भी रहेगा।
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मौसम विभाग के अनुसार 6 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद सप्ताह के बाकी दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है। अगले तीन से चार दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं बाद के दिनों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम में राहत की उम्मीद के बीच मानसून से हुई तबाही के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं से 1,235 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है। अकेले लोक निर्माण विभाग की करीब 946 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रभावित हुई है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 111 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 472 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
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इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं के साथ सड़क हादसों ने भी बड़ी संख्या में लोगों की जान ली है। अब तक प्रदेश में 266 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 158 मौतें सड़क हादसों, 18 भूस्खलन, 13 पानी में डूबने और एक मौत फ्लैश फ्लड के कारण हुई है। अन्य मौतें अलग-अलग घटनाओं में दर्ज की गई हैं।
हिमाचल में इस बार मानसून की कुल बारिश सामान्य से कम रही है। 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य बारिश 630.2 मिलीमीटर रहती है, जबकि इस अवधि में 578.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। यानी बारिश सामान्य से करीब 8 फीसदी कम रही। इसके बावजूद कई इलाकों में कम समय में हुई तेज बारिश ने सड़कों, मकानों और दूसरी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास अनावश्यक आवाजाही न करने को कहा गया है। वाहन चालकों को भी खराब मौसम में विशेष सावधानी बरतने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है। फिलहाल शनिवार तक बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि 6 सितंबर के बाद बारिश का दौर कमजोर पड़ने की उम्मीद है।