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September 9, 2026
हिमाचल के सरकारी गेस्ट हाउस में ठहर सकेगा आम आदमी- 3 हजार में मिलेगा कमरा
सरकारी गेस्ट हाउस में ऑनलाइन मिलेगा कमरा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने चुनिंदा सरकारी अतिथि गृहों में आम लोगों के ठहरने की सुविधा फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार ने दिल्ली, चंडीगढ़ और शिमला स्थित कुछ सरकारी आवासों के निर्धारित कमरों को ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से आम जनता के लिए उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था लागू की है।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मंगलवार देर शाम अधिसूचना जारी की गई है। नई व्यवस्था के तहत इन सरकारी आवासों में कमरा लेने के लिए अब लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
सरकार ने प्रति कमरे का किराया 3,000 रुपये प्रति रात, सभी टैक्स सहित निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि निर्धारित कमरे में ठहरने के लिए आवेदक को तय शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।
सरकार ने फिलहाल सभी सरकारी आवासों को आम लोगों के लिए नहीं खोला है। अधिसूचना के मुताबिक चुनिंदा कमरों को ही ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया गया है। इनमें-
इन स्थानों पर उपलब्ध कमरों की संख्या सीमित रहेगी। इसलिए लोगों को बुकिंग करते समय उपलब्धता के अनुसार कमरा चुनना होगा। सरकार ने इन कमरों की बुकिंग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाई है, जिससे लोगों को सरकारी आवास में कमरा लेने के लिए अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सरकारी अतिथि गृहों में कमरा बुक करने के लिए लोगों को हिमाचल सरकार के HimAtithi पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा। इसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कमरों की उपलब्धता और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नई व्यवस्था में बुकिंग की सुविधा ठहरने की तारीख से ठीक पहले सीमित अवधि के लिए उपलब्ध होगी। अधिसूचना के अनुसार, जिस दिन ठहरना है, उससे तीन दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग विंडो खुलेगा। यानी इच्छुक व्यक्ति को निर्धारित समय पर पोर्टल पर जाकर उपलब्ध कमरे के लिए आवेदन करना होगा।
सरकार ने कमरे की बुकिंग को लेकर भुगतान की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। केवल आवेदन करने से कमरा बुक नहीं माना जाएगा। आरक्षण की पुष्टि के लिए निर्धारित किराए की पूरी राशि पहले जमा करनी होगी।
भुगतान के लिए लोगों को कई विकल्प दिए गए हैं। आवेदक नेट बैंकिंग, यूपीआई, QR कोड अथवा डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए किराए का भुगतान कर सकेंगे। भुगतान पूरा होने के बाद ही आरक्षण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सरकार ने ऑनलाइन बुकिंग को लेकर समय भी निर्धारित किया है। अधिसूचना के मुताबिक उपलब्ध कमरों में से 30 प्रतिशत कमरों की बुकिंग दोपहर 12 बजे कन्फर्म की जाएगी। इसके बाद बचे हुए कमरों की बुकिंग हर कार्य दिवस शाम 5 बजे कन्फर्म की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमित संख्या में उपलब्ध कमरों की बुकिंग को एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत संचालित करना है। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी इच्छुक लोग तय समय पर ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकें।
सरकार ने कमरे की बुकिंग रद्द करने यानी कैंसिलेशन के लिए भी अलग-अलग परिस्थितियों में अलग नियम बनाए हैं। अगर कोई व्यक्ति चेक-इन के निर्धारित समय से पहले अपनी बुकिंग रद्द करता है तो उसे पूरी रकम वापस नहीं मिलेगी।
नियम के अनुसार, चेक-इन के समय यानी ठहरने वाले दिन दोपहर 12 बजे से 24 घंटे पहले बुकिंग कैंसिल करने पर अग्रिम किराए का 10 प्रतिशत काटा जाएगा। शेष राशि वापस कर दी जाएगी। वहीं अगर बुकिंग चेक-इन के समय से 24 घंटे के भीतर रद्द की जाती है, तो जमा किया गया पूरा कमरा किराया जब्त कर लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में आवेदक को किराए की राशि वापस नहीं मिलेगी।
कैंसिलेशन नियमों में आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान भी रखा गया है। अगर बुकिंग आवेदक की ओर से नहीं बल्कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रद्द की जाती है- तो ऐसी स्थिति में आवेदक को जमा की गई पूरी राशि वापस की जाएगी। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जिनकी बुकिंग सरकारी स्तर पर किसी कारण से रद्द होती है।
गौरतलब है कि सरकारी आवासों के कमरों को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने का मुद्दा इससे पहले भी चर्चा में रहा है। अप्रैल में सरकार की ओर से सरकारी भवनों के कमरों को आम लोगों के लिए खोलने और उनके किराए में बदलाव से जुड़ी व्यवस्था सामने आई थी। इस फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
विवाद के बाद सरकार ने उस व्यवस्था को वापस ले लिया था। अब सामान्य प्रशासन विभाग की नई अधिसूचना के जरिए एक संशोधित व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत सभी कमरों को आम लोगों के लिए खोलने के बजाय चुनिंदा कमरों को ऑनलाइन आरक्षण के लिए उपलब्ध कराया गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद हिमाचल आने वाले लोगों को राजधानी शिमला के अलावा दिल्ली और चंडीगढ़ में भी सरकारी अतिथि गृहों में निर्धारित कमरों की ऑनलाइन बुकिंग का विकल्प मिलेगा। खास तौर पर उन लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है जिन्हें इन शहरों में कम अवधि के लिए ठहरने की जरूरत होती है।
हालांकि, कमरे सीमित संख्या में उपलब्ध होने के कारण हर आवेदक को कमरा मिलना जरूरी नहीं होगा। बुकिंग उपलब्धता और तय ऑनलाइन प्रक्रिया के आधार पर ही होगी। साथ ही कमरे की बुकिंग तभी अंतिम मानी जाएगी जब निर्धारित 3,000 रुपये का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।
सरकार की नई व्यवस्था के बाद अब लोगों कोबुकिंग की तारीख, पोर्टल पर खुलने वाली विंडो, भुगतान और कैंसिलेशन के नियमों का ध्यान रखना होगा। इस तरह हिमाचल सरकार ने अपने चुनिंदा सरकारी आवासों को आम जनता के लिए ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली से जोड़ते हुए एक नई व्यवस्था लागू की है।