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September 1, 2026

हिमाचल में आफत की बारिश: दो घर हुए जमींदोज, 3 लोग मलबे में दबे; उफनती खड्ड में बही JCB

कांगड़ा में दो मंजिला मकान जमींदोज, मंदिरों में घुसा पानी

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Himachal Pradesh Heavy Rain

शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जमकर तबाही मचाई है। कहीं मकान और सुरक्षा दीवारें भरभराकर गिर रही हैं तो कहीं खड्डों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से हालात खतरनाक हो गए हैं। कांगड़ा में बारिश के बीच दो मकान ढह गए, जबकि एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए। उधर, हमीरपुर में उफनती पुंग खड्ड का बहाव इतना तेज हो गया कि वहां काम कर रही एक जेसीबी मशीन पानी में बह गई।

कांगड़ा में बारिश बनी आफत, दो मकान जमींदोज

कांगड़ा जिले में सोमवार को भारी बारिश के बीच दो अलग-अलग स्थानों पर मकान ढह गए। डरोह के बोदा में एक कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय परिवार के तीन सदस्य इसकी चपेट में आ गए और मलबे के नीचे दब गए।

 

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हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। बारिश के बीच हुए इस हादसे से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहले से कमजोर मकानों और दीवारों पर खतरा बढ़ गया है।

पुराना कांगड़ा में दो मंजिला मकान जमींदोज

वहीं, पुराना कांगड़ा में बारिश के कारण एक दो मंजिला मकान पूरी तरह ढह गया। मकान के जमींदोज होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी बड़े जानी नुकसान की सूचना नहीं है। शाहपुर की प्रेई पंचायत में भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। यहां तीन घरों की दीवारें और कई डंगे ढह गए। लगातार बारिश के कारण जमीन खिसकने और ढलानों के कमजोर होने से ग्रामीण इलाकों में खतरा बढ़ गया है।

 

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उफनती पुंग खड्ड में बह गई JCB

बारिश का सबसे खतरनाक मंजर हमीरपुर में देखने को मिला, जहां अचानक उफान पर आई पुंग खड्ड में काम कर रही एक जेसीबी मशीन तेज बहाव की चपेट में आ गई। पानी का बहाव बढ़ने के बाद मशीन अपना संतुलन खो बैठी और पानी के साथ बहती हुई पुल के पास जाकर फंस गई। इससे मशीन को काफी नुकसान पहुंचा है। हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान खड्डों के किनारे चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

बारिश ने खोली हाईवे निर्माण की पोल

हमीरपुर में मूसलधार बारिश ने हमीरपुर-मंडी वाया टौणीदेवी राष्ट्रीय राजमार्ग-3 के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दरकोटी से आगे हमीरपुर की तरफ नवनिर्मित बाईपास के पास सड़क धंसने लगी है। महज तेज बारिश में सड़क के धंसने से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर भविष्य में यातायात बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो सड़क का बड़ा हिस्सा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि नया निर्माण पूरा होने के बाद इतनी जल्दी सड़क का धंसना चिंता का विषय है।

 

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मकानों से लेकर गौशालाओं तक बारिश की मार

इस मानसून सीजन में अब तक हमीरपुर में एक पक्का और छह कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा 28 कच्चे और पांच पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बारिश से 32 गौशालाएं भी ढह चुकी हैं, जबकि चार सुरक्षा दीवारों के गिरने से भी नुकसान हुआ है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों और डंगों पर खतरा लगातार बना हुआ है।

76 सड़कें और 72 पेयजल योजनाएं प्रभावित

प्रदेशभर में बारिश और भूस्खलन का असर यातायात और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। अब तक 76 सड़कें और 72 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने की सूचना है।

कई स्थानों पर सड़क के ऊपर मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही बाधित हुई है। परवाणू में सोमवार शाम हुई बारिश के बाद नाले फिर उफान पर आ गए। सेब मंडी के पास एनएच-5 पर मलबा आने के कारण सड़क एक बार फिर बंद हो गई।

 

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कालका-शिमला रेललाइन पर दूसरे दिन भी थमी ट्रेनों की रफ्तार

भारी बारिश का असर विश्व धरोहर कालका-शिमला रेललाइन पर भी पड़ा है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन ट्रेनों की आवाजाही बंद रही। रेलवे ने ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए कई ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच ब्रिज नंबर-57 के पास ट्रैक के किनारे की मिट्टी बहने से ट्रैक का एक हिस्सा हवा में लटक गया। रेलवे की ओर से प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार ट्रैक की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही रेल सेवाएं बहाल की जाएंगी।

 

मणिमहेश यात्रा पर भी मौसम का असर

खराब मौसम का असर मणिमहेश यात्रा पर भी देखने को मिला। चंबा के भरमौर से मणिमहेश यात्रा के बेस कैंप गौरीकुंड के लिए सोमवार को धुंध के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। हालांकि श्रद्धालुओं का पैदल सफर जारी रहा।

 

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मंदिरों में घुसा बारिश का पानी

मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में भी भारी बारिश के कारण हालात बिगड़े। ढेलू के समीप प्राचीन हनुमान मंदिर और सनातन धर्मसभा मंदिर परिसर में बारिश का पानी घुस गया। इससे धार्मिक स्थलों में मौजूद लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को प्रदेश के सात जिलों बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम के छह सितंबर तक खराब रहने का पूर्वानुमान है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के सामने अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। खड्डों और नालों के किनारे जाने, तेज बहाव वाले पानी को पार करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की जरूरत है।

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