शिमला। हिमाचल की सुक्खू सरकार पूर्व की जयराम सरकार का एक और बड़ा फैसला बदलने जा रही है। हिमाचल प्रदेश में नव गठित राज्य चयन आयोग के तहत निकलने वाली भर्ती परीक्षाओं में अब लड़कियों से भी एप्लीकेशन फीस ली जाएगी। हिमालल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) ने इसका प्रस्ताव बनाकर सुक्खू सरकार को भेज दिया है। जिस पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। 

जयराम सरकार ने दी थी परीक्षा शुल्क में छूट

बता दें कि इससे पहले पूर्व की जयराम सरकार ने साल 2019 में राज्य लोक सेवा आयोग और राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में महिलाओं को भर्ती परीक्षाओं में शुल्क की छूट प्रदान की थी। जिसके बाद से HPPSC और HPRCA के तहत आयोजित परीक्षाओं में महिलाओं और युवतियांे से किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा था।

 

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राज्य चयन आयोग लड़कियों से भी लेगा परीक्षा शुल्क

अब राज्य चयन आयोग के तहत निकलने वाली भर्ती परीक्षाओं में लड़कियों से भी फीस वसूल करेगा। हालांकि परीक्षा के बाद यह फीस महिला उम्मीदवारों को वापस भी कर दी जाएगी। राज्य चयन आयोग ने अब भर्ती परीक्षाओं के पोर्टल में ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिसमें ऑनलाइन आवेदन बिना फीस जमा करवाए सबमिट ही नहीं होगा। राज्य चयन आयोग इस तरह का प्रस्ताव बनाकर प्रदेश की सुक्खू सरकार को भेज दिया है। 

फीस वसूलने के पीछे का यह बताया कारण

दरअसल राज्य चयन आयोग ने महिलाओं युवतियों से एप्लीकेशन फीस वसूलने के पीछे का कारण भी बताया है। आयोग के अनुसार बहुत सी भर्ती परीक्षाओं में लड़कियां आवेदन तो कर देती हैं, लेकिन वह बाद में परीक्षा देने के लिए आती ही नहीं हैं। चयन आयोग का कहना है कि आयोग को परीक्षा फार्म के हिसाब से संसाधन लगाने पड़ते हैं, लेकिन 50 से 60 फीसदी लड़कियां परीक्षा हॉल तक नहीं पहुंचती हैं। ऐसे में बहुत से संसाधन बेकार में लगाने पड़ रहे हैं।

 

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सुक्खू सरकार को भेजा प्रस्ताव

राज्य चयन आयोग ने अब एक प्रस्ताव बनाकर हिमाचल की कांग्रेस सरकार को भेजा है। जिसमें कहा गया है कि सभी आवेदकों से एक समान फीस ली जाए। सरकार चाहे तो परीक्षा अटेंड करने के बाद लड़कियों को उनकी फीस वापस लौटाई जा सकती है। जिस पर अंतिम फैंसला अब सरकार को ही करना है।

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कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट में बना था नया रिकॉर्ड

बता दें कि अभी हाल ही में राज्य चयन आयोग के माध्यम से ली गई कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट की पहली परीक्षा में एक नया रिकार्ड बन गया था। सुक्खू सरकार ने आपरेशन थियेटर असिस्टेंट की भर्ती एडसिल से करवाई थी। एडसिल ने आगे यह काम टाटा कंसलटेंसी सर्विस को दे दिया था। कुल 162 पदों के लिए करीब 2800 आवेदक आए, लेकिन इनमें से सिर्फ 62 पात्र लोगों का ही चयन हो पाया और 100 सीटें खाली रह गईं।

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एक उम्मीदवार की परीक्षा पर 60 हजार आया खर्च

सुक्खू सरकार ने इस भर्ती परीक्षा के लिए एजेंसी को 36 लाख रुपए का भुगतान किया। इस भुगतान में देरी की वजह से रिजल्ट लेट हुआ। अब यदि 62 अभ्यर्थियों से टोटल खर्च का हिसाब करें, तो एक अभ्यर्थी की परीक्षा पर सरकार को 60 हजार रुपए खर्च करने पड़े हैं। ऐसे में आर्थिक मंदी के दौर में राज्य चयन आयोग के परीक्षा के बाद लड़कियों की फीस वापस करने की उम्मीद कम ही दिख रही है।

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