शिमला। हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के संकट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने इस मानसून सीजन में दूसरी बार भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए 6 जुलाई से अगले चार दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कांगड़ा, मंडी, और सिरमौर जिलों में 6 जुलाई को बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य जिलों में भी भारी बारिश के ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं।
9 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग की मानें तो हिमाचल में अगले 9 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी रहेगा। भारी बारिश के बीच बादल फटने, भूस्खलन, बिजली गिरने और तूफान की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से एहतियात बरतने को कहा है और जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू ने की घोषणा: आपदा में बेघर हुए लोगों को सरकार देगी 5 हजार रुपए मासिक किराया
6 जुलाई को सबसे बड़ा खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 6 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन जिलों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है और यहां ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
5 जुलाई को भी नहीं मिलेगी राहत
5 जुलाई को भी राज्य के कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। साथ ही चंबा, सिरमौर, शिमला और कुल्लू जिलों में भी भारी वर्षा के आसार जताए गए हैं। इन इलाकों में लैंडस्लाइड, सड़कों के बंद होने और नदी.नालों में उफान जैसी घटनाओं की आशंका है।
यह भी पढ़ें : मंडी आपदा : लोगों की सुध लेने नहीं पहुंची MP कंगना, बोलीं- जयराम ठाकुर ने किया है मना
7 और 8 जुलाई को भी बरसात का प्रकोप
7 जुलाई को लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर बाकी सभी 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 8 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, सोलन और कुल्लू जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति पर बड़ा असर
राज्य में मानसून के चलते जनजीवन पहले से ही अस्त-व्यस्त हो चुका है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक राज्य की 280 सड़कें बंद थीं, जिनमें सबसे ज्यादा 156 सड़कें मंडी जिले में बाधित हैं। इसके अलावा सिरमौर में 49, कुल्लू में 36 और शिमला में 19 सड़कें बंद पड़ी हैं। साथ ही, 332 बिजली ट्रांसफार्मर और 784 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के एक और गेस्ट हाउस में पड़ी रेड : अंदर चल रहा था गंदा खेल, 2 लड़कियां रेस्क्यू- महिला अरेस्ट
लाहौल-स्पीति में एक बूंद भी नहीं बरसी
हैरानी की बात यह है कि जहां अधिकांश जिले बारिश से प्रभावित हैं, वहीं लाहौल-स्पीति अब तक पूरी तरह सूखा बना हुआ है। इस जिले में पूरे मानसून सीजन में एक बूंद बारिश भी नहीं हुई है। इसके उलट चंबा में सामान्य से 1% अधिक बारिश दर्ज की गई है और अन्य जिलों में औसत से काफी ज्यादा बारिश हो चुकी है।
अब तक 69 मौतें, मंडी में सबसे बड़ी तबाही
20 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक राज्य में 69 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अकेले मंडी जिले में 15 जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई, जिसमें अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 31 लोग अब भी लापता हैं। सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : जल शक्ति विभाग के पंप हाउस में फटा गैस सिलेंडर, धमाके की गूंज से दहल उठा इलाका
मौतों का विवरण इस प्रकार है:
- बादल फटने से: 14 मौतें
- फ्लैश फ्लड: 8 मौतें
- भूस्खलन से: 1 मौत
- डूबने से: 7 मौतें
- बिजली का करंट लगने से: 3 मौतें
- सांप के काटने से: 2 मौतें
- ऊंचाई से गिरने से: 6 मौतें
- अन्य कारण: 2 मौतें
- सड़क हादसों में: 26 मौतें
सरकार और प्रशासन की अपील
प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टीमें तैयार हैं।
