शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पहाड़ी राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और निचले व मैदानी इलाकों में हुई बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है। प्रदेश के जनजीवन पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है।
मौसम का बदला मिजाज
खासतौर पर अटल टनल रोहतांग और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियां एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं, जिससे यहां ठंड का असर बढ़ गया है। IMD के अनुसार, मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अभी जारी रहने वाला है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आज भी पहाड़ों पर बर्फबारी और कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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तेज तूफान का खतरा
IMD ने कुल्लू जिला, मंडी जिला और शिमला जिला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
इन जिलों में येलो अलर्ट
वहीं ऊना जिला, हमीरपुर जिला, बिलासपुर जिला, चंबा जिला और कांगड़ा जिला में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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24 घंटे में बारिश-बर्फबारी से बदला मौसम
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात हुआ। इससे तापमान में गिरावट आई है और मार्च के अंत में भी ठंड का एहसास बना हुआ है। कई इलाकों में सुबह-शाम ठंडी हवाएं लोगों को गर्म कपड़े पहनने पर मजबूर कर रही हैं।
72 घंटे खराब रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा। अगले 72 घंटों तक इसका असर मुख्य रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। इससे निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में 2 अप्रैल तक मौसम साफ रहने और अच्छी धूप निकलने की संभावना है। इससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी और तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
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3 अप्रैल से फिर बिगड़ेगा मौसम
हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। 3 अप्रैल से एक नया और मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इसके चलते ऊंचे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। यह दौर करीब 48 घंटे तक जारी रह सकता है।
लोगों और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन और फिसलन वाली सड़कों से सावधान रहने को कहा गया है। किसानों और बागवानों को ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
