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March 28, 2026
हिमाचल के 5 जिलों में दो दिन ओलावृष्टि-अंधड़ का ऑरेंज अलर्ट, 3 अप्रैल तक सताएगा मौसम
प्रदेश के 10 जिलों में बारिश बर्फबारी के अलावा ओलावृष्टि और तूफान का अलर्ट जारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज से मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। सुबह से ही राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे, जिससे आने वाले दिनों में मौसम के और बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्य में आंधी-तूफान, तेज हवाओं और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली कड़कने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम के मध्यम रूप से खराब रहने की आशंका है।
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विभाग ने चेतावनी दी है कि मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक 30 मार्च को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य जिलों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा।
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31 मार्च और 1 अप्रैल को भले ही कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन इस दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। वहीं 2 और 3 अप्रैल को एक बार फिर से मौसम के तीखे तेवर देखने को मिल सकते हैं, जब भारी बारिश, बर्फबारी और तेज तूफान का दौर लौट सकता है।
ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर सेब और गुठलीदार फलों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहा, जिससे किसान अपने कृषि कार्य सुचारू रूप से कर पा रहे थे, लेकिन अब उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।
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तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान पहले ही सामान्य से नीचे पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसमें 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आने का अनुमान है। इससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने किसानों, बागवानों, पर्यटकों और आम नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर रविवार और सोमवार को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की हिदायत दी गई है।