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March 25, 2026
सावधान हिमाचल! अगले पांच दिन खराब रहेगा मौसम, भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी
तेज आंधी-तफूान के साथ बरसेंगे बादल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले एक हफ्ते में सामान्य से करीब 82 फीसदी अधिक बारिश दर्ज हुई है। जिसके बाद अब प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना रहने वाला है।
मौसम विभाग के अनुसार, बीच-बीच में हल्की राहत जरूर मिलेगी। मगर पहाड़ों में ठंड, बारिश और बर्फबारी का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा। आज प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 मार्च से एक बार फिर मौसम में बदलाव शुरू हो जाएगा। खासकर ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इस दौरान चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जैसे जिलों में मौसम का असर ज्यादा तीखा रहने वाला है। इन इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है, जिससे दैनिक जीवन पर असर पड़ने की आशंका है। खुले स्थानों पर काम कर रहे लोगों, किसानों और सफर कर रहे यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
27 मार्च को मौसम में थोड़ी नरमी आने की उम्मीद है। इस दिन सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ जाएगा, जिससे केवल अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी या बर्फबारी तक ही गतिविधियां सीमित रह सकती हैं। लेकिन यह राहत भी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी।
28 मार्च से एक बार फिर एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस हिमाचल प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, जो पूरे राज्य में मौसम को फिर से बिगाड़ सकता है। इसका असर 29 और 30 मार्च को अपने चरम पर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने इन दो दिनों के लिए भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है।
खास बात यह है कि लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के अन्य ज्यादातर जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जो किसानों और बागवानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। सेब और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम के इस लगातार बदलते रुख का असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने, दृश्यता कम होने और यातायात बाधित होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने और अनावश्यक सफर से बचने की सलाह दी जा रही है।