शिमला। हिमाचल प्रदेश इस समय भीषण आपदा से जूझ रहा है। पिछले तीन दिनों से जारी मूसलधार बारिश ने राज्य भर में तबाही मचा दी है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में इस बार की बारिश ने पिछले 70 वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लगातार बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में समय से पहले ही बर्फबारी शुरू हो गई है।
कल यहां बंद रहेंगे स्कूल
भारी बारिश को देखते हुए कुल्लू और शिमला जिला में कल भी स्कूल कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। शिमला जिला में कल यानी 3 सिंतबर और कुल्लू जिला में तीन और चार सितंबर को शिक्षण संस्थान बंद रखने के निर्देश जारी हुए हैं। इस दौरान शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाने को कहा है।
यह भी पढ़ें : गहरी खाई में गिरी कार, तीन दिन बाद लगा पता; तब तक दो लोगों की थम चुकी थी सांसें
राज्य भर में जनजीवन ठप
बारिश और भूस्खलन की वजह से राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन पूरी तरह से अस्त. व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह 10 बजे तक कुल 1311 सड़कें, जिनमें 6 राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, भूस्खलन के कारण बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा 3263 बिजली ट्रांसफार्मर और 858 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे सैकड़ों गांवों में बिजली और पीने के पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।
यह भी पढ़ें : भारी बारिश से मलबे का ढेर बना मकान, तीन लोग हुए दफन; महिला की गई जान
आज तीन लोगों की मौत
दुर्भाग्यवश, भूस्खलन की चपेट में आने से आज तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो महिलाएं और एक युवक शामिल हैं। शिमला जिले के नेरवा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मधाना में एक मकान पर भूस्खलन होने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक दंपती गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं सोलन और कुल्लू में मकान गिरने से दो महिलाओं की मौत हुई है।
यह भी पढ़ें :हिमाचल : करियर बनाने के सपने दिखा रिश्तेदार करता रहा नीचता, लड़की ने सहेलियों को बताई आपबीती
कल चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग शिमला के अनुसार बुधवार को प्रदेश के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। इमें कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और किन्नौर शामिल हैं। इसके अलावा ऊना और बिलासपुर जिला के लिए येलो अलर्ट जारी है। प्रदेश में 4 सितंबर से मौसम साफ होने की उम्मीद है, क्योंकि विभाग द्वारा 4 से 8 सितंबर तक कोई भी अलर्ट जारी नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें : आर्थिक संकट से जूझ रहा हिमाचल, सरकारी गाड़ियों में परिवार घुमा रहे अधिकारी; सदन में उठा मामला
लाहौल में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से लाहौल घाटी की ऊंची चोटी के साथ-साथ रोहतांग दर्रा, शिंकुला दर्रा, बारा लाचा, सूरजताल और चंद्र ताल में बर्फबारी हो रही है। लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से ठंड बढ़ने लगी है। फिलहाल दिल्ली से लेह के लिए बस सड़क पर दौड़ रही है। हालांकि, बर्फबारी अधिक होने पर बस सेवा भी प्रभावित होने की संभावना है। बता दें कि हर साल 15 सितंबर के बाद दिल्ली लेह बस सेवा को बंद कर दिया जाता है, लेकिन इस साल बार.बार खराब हो रहा हैं, इस बार जल्द ही बस सेवा को बंद किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में पंचायत चुनावों को पोस्टपोन करने पर CM सुक्खू ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या बोले
मानसून का कहर: अब तक 327 की मौत
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 20 जून से 1 सितंबर के बीच हिमाचल में:
- 327 लोगों की मौत हो चुकी है,
- 385 लोग घायल हुए हैं,
- 41 लोग अब भी लापता हैं।
- 156 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।
- 4,669 घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
- 3,813 गोशालाएं,
- 1,898 पालतू जानवर भी प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हुए हैं।
अब तक कुल 3,15,808.98 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान दर्ज किया गया है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल रहा है।
सरकार और प्रशासन अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी और अलर्ट का पालन करें।
