शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्राइमरी टीचर फेडरेशन के 2 टीचरों को नोटिस देकर हड़ताल न करने की धमकी दी है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने टीचरों से कहा है कि नाफरमानी पर कार्रवाई का सामना करना पड सकता है। जवाब में टीचरों ने कहा है कि सरकार जो करना है करे, हड़ताल तो होकर रहेगी।

 

यह भी पढ़ें : ठेकेदारों को अगले 5 दिन में होंगे सारे लंबित भुगतान; सीएम सुक्खू ने दिए निर्देश

 

यह धमकी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा और सचिव संजय को दी गई है। फेडरेशन ने 16 अप्रैल को शिक्षा विभाग को प्रदर्शन का नोटिस दिया था। शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन का विरोध करते हुए नोटिस में 26 अप्रैल को प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : सोने की तैयारी में था परिवार, बेटे को लगा करंट का झटका और निकल गए प्राण

बिना पूछे कैसे पुनर्गठन किया 

फेडरेशन का कहना है कि निदेशालय ने उनसे बिना पूछे पुनर्गठन का आदेश जारी कर दिया। फेडरेशन का इस बात की भी शिकायत है कि निदेशालय शिक्षाविदों के माध्यम से शिक्षा को सुधारने की जगह नौकरशाहों की मदद ले रहा है। जगदीश शर्मा ने कहा, सरकार उन्हें जेल में डाले या फिर सस्पेंड कर दे, कल की हड़ताल तो होकर रहेगी। यदि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान भी कर सकता है।

 

यह भी पढ़ें : HRTC बस कंडक्टर को मिला सोने से भरा बैग- फिर भी नहीं डोला ईमान, फोन घुमा-घुमाकर ढूंढी महिला

10 हजार प्राइमरी टीचर जुटेंगे

बता दें कि प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा प्रायमरी टीचर है। ये सभी शनिवार को शिक्षा निदेशालय के घेराव में शामिल होंगे। स्कूल खुले हैं तो बच्चों की पढ़ाई भी इस आंदोलन से प्रभावित होगी। अब अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी और आंदोलन लंबा खिंचा तो बच्चों की पढ़ाई भी ठप हो सकती है।

पेज पर वापस जाने के लिए यहां क्लिक करें