शिमला। स्टेट कैडर में शामिल करने से नाराज हिमाचल प्रदेश के पटवारी-कानूनगो की पेन डाउन स्ट्राइक से परेशान लोगों को सुक्खू सरकार ने बड़ी राहत दी है। वहीं, हड़ताली पटवारियों और कानूनगो को सरकार से बड़ा झटका भी मिला है। मंगलवार को बजट  सत्र के बीच सरकार ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार को सर्टिफिकेट को अटेस्टेड करने के लिए अधिकृत कर दिया। यानी पटवारियों और कानूनगो का काम अब इन अफसरों में बंट गया है।

 

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इसकी नोटिफिकेशन मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक के बाद जारी की जाएगी। सीएम सुक्खू ने साफ किया कि हिमाचल में इस्तेमाल होने वाले डॉक्यूमेंट सेल्फ अटेस्टेड किए जा सकेंगे। जिन प्रमाण पत्रों की जरूरत हिमाचल से बाहर है या जिनका अटेस्टेड होना जरूरी है उन्हें एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार अटेस्ट या प्रमाणित कर सकते हैं। कुल मिलाकर जो कागजात पहले पटवारी या कानूनगों द्वारा अटेस्ट किए जाते थे वो अब एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी कर सकेंगे।

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राजस्व मंत्री के साथ कल होगी बैठक

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पटवारी और कानूनगो को बुधवार को बैठक के लिए बुलाया है। विधानसभा के कमेटी रूम में बुधवार को दोपहर ढाई बजे बैठक होगी।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन का बैकलॉग इसी माह 

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जनवरी से लेकर मार्च तक की सामाजिक सुरक्षा पेंशन इसी महीने मिल जाएगी। हिमाचल प्रदेश में 8 लाख लोगों को प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन दे रही है। उन्होंने विपक्ष पर नौकरियां खत्म करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए सबूत के रूप में इसका सरकारी नोटिफिकेशन दिखाने को कहा है।

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अनुपूरक बजट पारित

हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में करंट फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए 17053.79 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को ध्वनिमत से पास किया गया। चालू वित्त वर्ष के लिए अनुपूरक अनुदान मांगों की यह पहली और अंतिम किस्त है। बीते वित्त वर्ष 2023-24 में अनुपूरक बजट 10307.59 करोड़ रुपए तथा 2022-23 में 13 हजार करोड़ रुपए का था।

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