शिमला। पक्के मकानों में रहने वाले लोग शायद ही उन लोगों का दर्द समझ पाएं जो बरसात के मौसम में टपकती छत के नीचे रहते हैं, सर्दियों में कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे होते हैं। कोई और समझे ना समझे- सरकार ने ऐसे परिवारों का दर्द समझा और एक ऐसी योजना शुरू कर रखी है जो उनकी मुश्किलें कम करे।

मकान बनाने के लिए आर्थिक सहायता

सरकार ने एक ऐसी योजना शुरू की है जिसके जरिए पात्र लोगों को पैसे मुहैया करवाए जा रहे हैं ताकि उन्हें आर्थिक रूप से पक्का मकान बनाने में मदद मिल सके। सरकार की योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र स्थायी निवासियों की मदद करती है।

 

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पात्र लोगों को दिए जाते डेढ़ लाख रुपये

पात्र लोगों को पक्का मकान बनाने के लिए ₹1,50,000 की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। अभी तक हजारों लोगों को सरकार की योजना का लाभ मिल चुका है। इस योजना का नाम है- स्वर्ण जयंती आश्रय योजना जो लोगों के पक्के मकान की जरूरत पूरी कर रही है।

किसे मिल सकता है लाभ ?

  • आवेदनकर्ता हिमाचल का स्थायी निवासी होना चाहिए
  • वार्षिक आय 50 हजार से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए
  • राजस्व रिकॉर्ड में उसके नाम पर मकान बनाने के लिए जमीन होनी चाहिए
  • उसके पास अपना मकान नहीं होना चाहिए

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कौन से दस्तावेज चाहिए ?

  • वार्षिक आय प्रमाण-पत्र
  • जाति प्रमाण-पत्र
  • हिमाचली प्रमाण-पत्र 
  • जमीन की जमाबंदी नकल और ततीमा
  • ग्राम सभा का प्रस्ताव साथ लगाना आवश्यक है

सैकड़ों लोगों को मिल रहा है लाभ

मंडी जिले में पिछले 2 सालों में 356 परिवारों को 5.34 करोड़ की सहायता दी गई है। साल 2023-24 में अनुसूचित जाति के 187 परिवारों को मकान बनाने के लिए 2.80 करोड़, अनुसूचित जनजाति के 3 मकानों के लिए 4.50 लाख व अन्य पिछड़ा वर्ग के 6 मकानों लिए 9 लाख रुपए बांटे गए हैं।

 

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साल 2024-25 में जिला में अनुसूचित जाति के 151 लाभार्थियों को मकान बनाने के लिए 2.27 करोड़, अनुसूचित जनजाति के 3 मकानों के लिए 4.50 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग के 6 परिवारों को मकान बनाने के लिए 9 लाख का प्रावधान किया गया है।