#राजनीति
November 27, 2025
सदन में नारेबाजी.. वेल तक पहुंचा विपक्ष, जयराम ने CM की कुर्सी के पास जाकर जताया विरोध
सदन में लगातार टकराव, दूसरा दिन भी गरमा गरमी के नाम रहा
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन पूरी तरह हंगामेदार रहा। धर्मशाला के तपोवन में चल रहे इस सत्र के दूसरे दिन आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक ने माहौल को गर्माए रखा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर वेल तक पहुंच गए और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कुर्सी के ठीक पास जाकर मंत्रियों के बयान पर कड़ा विरोध जताया। भाजपा विधायकों ने आसन के घेराव तक कर दिया, जिसके चलते स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
तपोवन में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। बैठक शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायक दल ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन कर सरकार पर हमला बोला। विधायक क्षेत्र विकास निधि सहित कई विकास योजनाओं का बजट रोके जाने के मुद्दे पर भाजपा ने पोस्टर और कटआउट लेकर प्रदर्शन किया।
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सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने प्रश्नकाल को लेकर सरकार पर दबाव बनाया। जब स्पीकर ने व्यवस्था दी कि सभी प्रश्न पढ़े हुए माने जाएंगे, तो इस पर लगभग आधे घंटे तक बहस चलती रही। आखिरकार विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गया, लेकिन यहां भी सत्र शांत नहीं चल पाया। आपदा राहत को लेकर केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता और पंचायत चुनाव जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने.सामने आ गए। हर मुद्दे पर तालमेल के बजाय टकराव ज्यादा देखने को मिला।
पंचायत चुनावों में देरी पर चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोगों को भ्रमित करने का काम किया है और आपदा के समय प्रदेश के हित में केंद्र की मदद लाने में सहयोग नहीं दिया। इसके साथ ही उन्होंने थुनाग क्षेत्र में जेसीबी लगाने और आपदा सहायता के नाम पर चंदा जुटाने का आरोप भी विपक्ष पर लगा दिया। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सदन में वापस लौटे। जैसे ही उन्हें पता चला कि मंत्री ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वे तत्काल बोलने की अनुमति मांगने लगे।
स्पीकर ने स्पष्ट किया कि मंत्री के वक्तव्य के पूरा होने के बाद ही जयराम ठाकुर अपनी बात रख सकते हैं। यह बात विपक्ष को रास नहीं आई। जयराम ठाकुर अचानक वेल की ओर बढ़ गए और भाजपा विधायकों का पूरा दल उनके साथ वेल में जाकर जमकर नारेबाजी करने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कुर्सी तक पहुंचकर मंत्री के बयान पर विरोध जताते रहे। आसन के चारों ओर भाजपा विधायकों का घेरा बनने पर सदन का वातावरण पूरी तरह शोरगुल में डूब गया।
लगातार शोर, नारेबाजी और विपक्ष की आक्रामकता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही को भोजनावकाश तक स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा। इससे पहले सुबह भाजपा ने परिसर में बड़ा प्रदर्शन किया था, जिसमें विधायक क्षेत्र विकास निधि और विकास योजनाओं के बजट रोकने को लेकर सरकार की आलोचना की गई थी। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे विपक्ष सुबह से ही सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बनाकर आया था।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि विपक्ष प्रदेश के हित में काम करने से ज्यादा राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने मांग उठाई कि जयराम ठाकुर को आपदा प्रबंधन और राहत कोष पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देने के लिए विपक्ष सदन में लगातार दबाव बनाता रहा, लेकिन व्यवस्था न बनने के कारण चर्चा पटरी पर नहीं लौट पाई।