शिमला। हिमाचल प्रदेश सहित देशभर में त्योहारी सीजन चल रहा है। त्योहार के मौकों पर अकसर लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं जिससे हादसों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में ड्रंक एंड ड्राइव मामलों पर लगाम लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के चलते नियम तोड़ने वालों को सीधे 10,000 का फटका लग सकता है। इस विशेष अभियान को लेकर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

जुर्माना, जेल या दोनों सजाएं

शराब के नशे में ड्राइव करते हुए पकड़े जाने पर चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्रंक एंड ड्राइव में दोषी मिलने पर सीधे 10,000 का चालान कटेगा, 6 माह की कैद या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं।

 

यह भी पढ़ें: कौन होगा हिमाचल कांग्रेस का नया हेड... आज हो जाएगा फैसला ! रजनी पाटिल ने दिल्ली बुलाए सीएम सुक्खू

शाम 6 से सुबह 6 तक नाके

इस विशेष अभियान के तहत शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक विशेष नाके लगाए जाएंगे। हर संदिग्ध वाहन चालक की जांच एल्कोसेंसर व अन्य माध्यमों से की जाएगी। अभियान के तहत शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक विशेष नाके लगाए जाएंगे 

त्योहारों में बढ़ जाते हैं हादसे

हर संदिग्ध वाहन चालक की जांच एल्कोसेंसर सहित अन्य माध्यमों से की जाएगी। फेस्टिव सीजन में शराब के नशे में वाहन चलाने से हादसे बढ़ जाते हैं इसलिए इस अभियान को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल ने एक साथ खोए दो वीर जवान : त्योहार पर छुट्टी लेकर आ रहे थे घर- पहुंची देह

व्यस्त इलाकों में लगेंगे नाके 

पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के मुताबिक सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पर्याप्त संख्या में एल्कोसेंसर उपलब्ध करवाए गए हैं। बता दें कि नाके शहरों के व्यस्त इलाकों, मुख्य बाजारों और हाइवे पर लगाए जाएंगे।

पुलिस से उलझना पड़ेगा भारी

इन इलाकों में नाके लगाकर यातायात व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी व नियम तोड़ने वालों पर तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा। वहीं कई बार ऐसा भी होता है कि शराब के नशे में धुत ड्राइवर पुलिस से उलझने लगते हैं। ऐसे में तुरंत आरोपी का मेडिकल करवाकर केस दर्ज करने की हिदायत दी गई है।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: अंडरग्राउंड चल रहे SDM को हाईकोर्ट से मिली राहत, पीड़िता से भी हो चुका है समझौता

शराब पीकर ना चलाएं वाहन

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा है कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। नशे में ड्राइविंग से ना केवल चालक बल्कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की जान के लिए खतरा रहता है। प्रदेश के लोगों से आग्रह है कि त्योहारों का आनंद सुरक्षित तरीके से लें और नशे में वाहन ना चलाएं।