शिमला। हिमाचल प्रदेश का एक बड़ा तबका खेतीबाड़ी करता है और उसी पर निर्भर रहता है। प्रदेश के इन्हीं किसानों के लिए बुरी खबर है। गौरतलब है कि प्रदेश में खाद का दाम बढ़ गया है। खाद के दाम में कितनी बढ़ोतरी हुई है, आइए जानते हैं।
50 किलो की बोरी की कीमत बढ़ी
NPK यानी नाईट्रोजन, पोटाशियम व फॉस्फोरस की 50 किलोग्राम की एक बोरी की कीमत बढ़ गई है। पहले इस बोरी की कीमत 1470 रूपये थी। वहीं अब मध्य-पूर्व क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों के कारण इस साल ये कीमत 1900 रुपये हो गई है।
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वैकल्पिक खाद करवा रहे उपलब्ध
वहीं खाद-उर्वरक उपलब्धता की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में बताया गया कि दामों की बढ़ोतरी के चलते वैकल्पिक खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे उप मुख्य सचेतक ने ये जानकारी दी।
ताकि किसानों को ना हो पेशानी
उप मुख्य सचेतक ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना ना करना पड़े।
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बैठक में दी गई ये जानकारियां
बैठक में बताया गया कि पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों जैसे यूरिया (46 प्रतिशत नाइट्रोजन) व नाइट्रोजन, पोटाशियम, फॉस्फोरस (NPK) 12:32:16 के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया (20 प्रतिशत नाइट्रोजन) और नैनो DAP (8 प्रतिशत नाइट्रोजन, 16 प्रतिशत पोटाशियम) की आपूर्ति की जा रही है।
दुष्प्रभावों को कम करने में मदद
बैठक में ये भी बताया गया कि इन विकल्पों से पारंपरिक रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों को कम करने में सहायता मिलेगी। हिमफेड द्वारा एनपीके 12:32:16 के स्थान पर एनपीके 16:16:6 भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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दामों ने बढ़ाई किसानों की चिंताा
कृषि करने के लिए खाज की आवश्यकता पड़ती है। खेती-बाड़ी में खाद अहम रोव निभाती है। ऐसे में खाद के दामों में बढ़ोतरी होना आम किसान की जेब पर बहुत असर डालता है। किसान खाद नहीं खरीद पाएंगे तो अच्छी पैदावार कहां से होगी।
