शिमला। आजकल सबके पास स्मार्टफोन है और उस स्मार्ट फोन में कॉल रिकॉर्डिंग का फीचर है। सब इस फीचर को बिना सोचे समझे इस्तेमाल करते हैं। कोई इसका इस्तेमाल इसलिए करता है ताकि सबूत रखा जा सके तो कोई प्रोफेशनल बातचीत को सेफ रखने के लिए इसका इस्तेमाल करता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फीचर का इस्तेमाल आप पर भारी भी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कैसे।
बिना इजाजत रिकॉर्डिंग गलत
राहत की बात ये है कि कॉल रिकॉर्ड करना पूरी तरह से गैरकानूनी नहीं है। हालांकि इसकी कुछ शर्तें हैं जैसे अगर आप सामने वाले की इजाजत के साथ कॉल रिकॉर्ड करते हैं तो ये कानूनी है।
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इजाजत के साथ करें रिकॉर्डिंग
वहीं अगर आपने बिना कंसेंट लिए, बिना बताए किसी की कॉल को रिकॉर्ड किया तो ये गैर कानूनी हो जाता है। इसे राइट टू प्राइवेसी का उल्लंघन माना जा सकता है और इसपर कानूनी कार्रवाई हो सरकती है।
रिकॉर्डिंग पब्लिक करना गलत
Information Technology Act, 2000 कहता है कि बिना इजाजत कॉल रिकॉ़र्ड करना और फिर उस रिकॉर्डिंग को किसी के खिलाफ इस्तेमाल करना या सोशल मीडिया पर डालना अपराध माना जाता है।
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गलत इस्तेमाल पर कार्रवाई
ऐसा करना धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग की कैटेगरी में आ सकता है। वहीं जब आप बिना इजाजत किसी की कॉल रिकॉर्ड कर उसका गलत इस्तेमाल करते हैं तो आप पर कई धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है।
दोनों की सहमति से रिकॉर्डिंग
अगर कॉल रिकॉर्डिंग के लिए दोनों व्यक्ति सहमत हो तो कॉल रिकॉर्डिंग की जा सकती है। कस्टमर केयर बताकर रिकॉर्ड कॉल करता है तो वो भी कानूनी है। इसके अलावा खुद की सेफ्टी या सबूत के लिए कॉल रिकॉर्ड की जा सकती है।
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थर्ड पार्टी डेटा लीक से बचें
आपको अपने फोन पर भरोसेमंद ऐप्स ही रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि आजकल कई थर्ड पार्टी ऐप कॉल रिकॉर्ड करते हैं। फिर आपको जानकारी दिए बिना उसे सर्वर पर अपलोड करते हैं। ये डेटा लीक की वजह बन सकती है इसलिए सावधान रहें।
