शिमला। अकसर लोग अनजान होते हैं कि उनके खाते से उनका ही बैंक पैसे काट रहा है। कभी ये कोई मंथली चार्ज होता है तो कभी सालाना, कभी डेबिट कार्ड को लेकर पैसे काट लिए जाते हैं तो कभी क्रेडिट कार्ड को लेकर।
अलग बैंक के लिए अलग नियम
ऐसे में पहले ये जान लेते हैं कि आपका बैंक आपसे किस-किस तरह का चार्ज ले सकता है और आप कैसे इससे बच सकते हैं। वैसे अलग-अलग बैंकों के लिए अलग-अलग नियम होते हैं लेकिन कुछ चार्ज कॉमन होते हैं।
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मिनिमम बैलेंस नहीं तो पेनल्टी
न्यूनतम राशि यानी मिनिमम बैलेंस की टर्म से आप जरूर वाकिफ होंगे। बैंक अपने ग्राहक से उम्मीद करता है कि वो अपने खाते में एक फिक्सड अमाउंट रखे। अगर ऐसा नहीं होता तो बैंक इसपर चार्ज लगाना शुरू कर देता है।
बना लीजिए जीरो बैलेंस अकाउंट
ये राशि 500 से लेकर 10 हजार तक की हो सकती है। बैलेंस कम होने पर 100 से 600 रुपये तक मंथली पेनल्टी लगना शुरू हो जाती है। अगर आप इस पेनल्टी से बचना चाहते हैं तो या तो मिनिमम बैलेंस मेंटेन कीजिए या फिर जीरो बैलेंस अकाउंट रखिए।
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कैश जमा या निकालने पर चार्ज
अगर आपका बैंक फ्री में कैश जमा या निकालने की सुविधा देता है तो बढ़िया बात है लेकिन कुछ बैंक्स में लिमिट से ज्यादा बार कैश जमा या निकालने पर 150 रुपये तक का चार्ज हर ट्रांजैक्शन पर लग सकता है। ऐसे में ब्रांच ना जाकर डिजिटल ट्रांजैक्शन को चुनें।
डेबिट कार्ड पर है एनुअल फीस
बैंक खाता खुलवाने पर मिलने वाले डेबिट कार्ड को समझदारी के साथ इस्तेमाल करना चाहिए। कार्ड पर हर साल 100 से लेकर 500 रुपये तक का चार्ज लग सकता है। वहीं अगर कार्ड गुम हो जाए, आप नया कार्ड बनवाएं तो भी अलग से चार्ज देना पड़ता है।
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SMS अलर्ट के लिए भी है चार्ज
वैसे तो कुछ बैंक SMS अलर्ट की सुविधा मुफ्त में देते हैं लेकिन कुछ बैंक इसके लिए 15 से लेकर 100 रुपये तक की सालाना फीस ले सकते हैं। अगर इस फीस से बचना है तो मोबाइल ऐप पर नोटिफिकेशन का विकल्प चुनें। आप SMS सेवा बंद भी करवा सकते हैं।
विभिन्न ट्रांजैक्शन पर भी है चार्ज
अगर आप NEFT, RTGS और IMPS जैसे ट्रांजैक्शन करते हैं तो भी बैंक आपसे चार्ज लेता है। वैसे कई बैंक अब ये सुविधा मुफ्त दे रहे हैं लेकिन कुछ बैंक पुराने नियमों पर चार्ज लेते हैं। ऐसे में मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें या उस बैंक को चुनें जो ये सेवा मुफ्त देता हो।
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चेक बाउंस होने पर कटेंगे पैसे
आपने खाते में पर्याप्त पैसे ना होने के बावजूद किसी को चेक साइन कर दे दिया तो आपका चेक बाउंस हो जाता है। ऐसे में बैंक 300 से लेकर 700 रुपये तक चार्ज करता है। ये कानूनी जुर्म भी माना जाता है इसलिए कभी भी ऐसा ना करें।
