शिमला। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे की गूंज अब हिमाचल प्रदेश के गलियारों में भी सुनाई दे रही है। भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को टालने के लिए हिमाचल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेश सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी करते हुए प्रदेशभर में संचालित जल गतिविधियों के नियमों को लोहे की तरह कड़ा कर दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पानी से जुड़ी किसी भी गतिविधि में सुरक्षा से समझौता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लाइफ जैकेट अनिवार्य, समझौते की कोई गुंजाइश नहीं
सरकार ने दोटूक आदेश जारी किए हैं कि प्रदेश की किसी भी झील या नदी में जल गतिविधि के दौरान हर व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना सुरक्षा जैकेट के किसी भी पर्यटक या स्थानीय व्यक्ति को नाव या बोट में बैठने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जल गतिविधियों के लिए बनाए कड़े नियम
हिमाचल में गोबिंदसागर झील, कोल डैम, ब्यास और रावी जैसी नदियों व जलाशयों में बड़ी संख्या में पर्यटक बोटिंग और अन्य जलक्रीड़ाओं का आनंद लेते हैं। ऐसे में सरकार ने सुरक्षा मानकों को और सख्त करते हुए कई अहम नियम लागू किए हैं।
ओवरलोडिंग पर फुल स्टॉप
हर नाव में पर्याप्त सुरक्षा रस्सियां, लाइफ सेविंग उपकरण और प्राथमिक उपचार किट रखना अब अनिवार्य होगा। साथ ही, किसी भी नाव या बोट में उसकी तय क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। तय सीमा से एक भी व्यक्ति ज्यादा मिलने पर लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। नाव की क्षमता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना भी जरूरी किया गया है।
मोटर बोट के इंजन की क्षमता भी नाव के भार के अनुसार होना तय किया गया है।
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प्रशिक्षित स्टाफ की ही होगी तैनाती
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब जल गतिविधियों में केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित स्टाफ ही तैनात किया जाएगा। नाव चालकों, लाइफ गार्ड्स और अन्य कर्मचारियों के पास तैराकी, बचाव कार्य और प्राथमिक उपचार से संबंधित वैध प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा। बिना प्रशिक्षण वाले कर्मियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
तकनीकी जांच और रेस्क्यू सिस्टम होगा मजबूत
नावों और उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच अनिवार्य कर दी गई है। यदि किसी भी तरह की खराबी पाई जाती है तो संबंधित नाव का संचालन तुरंत बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, प्रमुख जल स्थलों पर 24 घंटे रेस्क्यू टीम, बचाव नाव और आपात संचार व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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पर्यटकों को दी जाएगी सुरक्षा जानकारी
हर जल गतिविधि से पहले पर्यटकों को सुरक्षा नियमों और आपात स्थिति से निपटने के उपायों की जानकारी देना भी जरूरी किया गया है। खतरनाक क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और संवेदनशील इलाकों में जल गतिविधियों पर रोक भी लगाई जा सकती है।
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जबलपुर में 13 लोगों की हुई थी मौत
बता दें कि जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में गुरुवार को एक यात्रियों से भरा क्रूज डूब गया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। क्रूज डूबने के बाद लापता हुए लोगों की लगातार तलाश की जा रही थी। आज रविवार को दो शव मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया गया है। अब तक इस हादसे में 13 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। इस भयानक हादसे से सबक लेते हुए अब हिमाचल सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है और सख्त नियम लागू किए हैं।
