शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार जल्द ही लोगों को महंगाई का जोरदार झटका देने वाली है। जिस तरह से हिमाचल में बनने वाला सीमेंट हिमाचल में ही महंगा मिलता है, अब उसी तरह से हिमाचल में पैदा होने वाली बिजली अब हिमाचल की जनता को महंगे दामों पर मिलने वाली है। हिमाचल में जल्द ही बिजली के दामों में बढ़ोतरी होने वाली है, जिसका प्रारूप बिजली बोर्ड ने तैयार कर लिया है।
बता दें कि हिमाचल की जनता को जल्द महंगी बिजली का जोरदार झटका लगने वाला है। राज्य में बिजली दरों में बढ़ोतरी की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और आने वाले दिनों में नई दरों की घोषणा हो सकती है। यदि प्रस्तावित टैरिफ लागू होता है तो सुक्खू सरकार के कार्यकाल में प्रदेशवासियों को बढ़ती महंगाई के बीच बिजली पर भी अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
जानें कितनी महंगी होगी बिजली
दरअसल, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने बिजली दरों में संशोधन के लिए नया टैरिफ प्रारूप तैयार कर लिया है और इसे हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 7 पैसे से लेकर 30 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है। यदि आयोग इसे मंजूरी देता है तो प्रदेश के करीब 22 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
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क्या बढ़ाए जा रहे बिजली के दाम
बिजली बोर्ड का कहना है कि पिछले कुछ समय में उत्पादन लागत और बिजली खरीद की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली मुफ्त बिजली की उपलब्धता कम होने से बोर्ड को बाहरी स्रोतों से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। इसी वजह से वित्तीय दबाव बढ़ रहा है और इस स्थिति से निपटने के लिए टैरिफ में संशोधन आवश्यक बताया गया है।
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कब से लागू हो जाएगी नई दरें
बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर आयोग ने पहले ही विस्तृत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके तहत अलग-अलग चरणों में उपभोक्ता संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों की राय ली गई। शिमला में आयोजित ओपन हाउस बैठक के दौरान भी कई लोगों ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर अपनी चिंताएं और सुझाव आयोग के सामने रखे थे। अब आयोग इन सभी सुझावों और आपत्तियों का अध्ययन कर अंतिम टैरिफ चार्ट को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
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नियमों के अनुसार, बिजली बोर्ड की टैरिफ याचिका पर आयोग को 120 दिनों के भीतर फैसला सुनाना होता है। चूंकि नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि नई बिजली दरों की घोषणा इसी सप्ताह कर दी जाए और इन्हें 1 अप्रैल से लागू किया जा सकता है।
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अगर ऐसा होता है तो प्रदेश में पहले से बढ़ती महंगाई के बीच लोगों को बिजली बिल के रूप में एक और अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे उपभोक्ताओं के लिए यह फैसला जेब पर असर डाल सकता है। ऐसे में अब सबकी निगाहें आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं, जो यह तय करेगा कि हिमाचल में बिजली कितनी महंगी होने वाली है।
