शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। स्टेट कैडर में शामिल करने से नाराज पटवारी-कानूनगो ने पिछले 15 दिन से जारी हड़ताल को खत्म कर दिया है। बुधवार को शिमला में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ हुई बैठक में स्टेट कैडर को वापस लेने पर तो बात नहीं बनी, लेकिन नेगी ने यह भरोसा जरूर दिलाया कि पटवारी-कानूनगो  के भर्ती एवं पदोन्नति नियम पहले की ही तरह प्रभावी रहेंगे।

इस भरोसे हड़ताल खत्म

इस भरोसे पर हड़ताली पटवारी-कानूनगो ने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है। कल से सभी पटवारी-कानूनगो काम पर लौट आएंगे।

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पटवारी-कानूनगो महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कुछ मुद्दों पर सरकार और उनके बीच भरोसे की कमी रह गई थी, जो बैठक के बाद दूर हो गई है।

सरकार को नहीं झुका पाए

हिमाचल विधानसभा में राजस्व मंत्री ने बैठक में साफ कर दिया कि पटवारी और कानूनगो का स्टेट काडर का फैसला बदला नहीं जाएगा, हालांकि, सरकार इनके प्रोमोशन चैनल प्रभावित नहीं होने देगी। नेगी ने कहा कि बाकी मांगों पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा।

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गौरतलब है कि हाल ही में कांगड़ा में सीएम सुक्खू से पटवारी और कानूनगो का संघ मिला था, जहां पर सीएम ने भी स्टेड कैडर को लिए गए फैसले को वापस लेने से इंकार कर दिया था और कहा था कि हम लोग पटवारी और कानूनगो की प्रमोशन को प्रभावित नहीं होने देंगे।

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39 तरह की सेवाएं ठप थीं

बीते 15 दिन से हिमाचल प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर थे और इससे तहसीलों में 39 तरह की सेवाएं ठप्प हो गई थी। पिछले माह सुक्खू सरकार ने पटवारी और कानूनगो का कैडर बदल दिया था, जिसके तहत पटवारी और कानूनगो को प्रदेश के किसी भी कोने में भेजा जा सकता है। इससे पहले, पटवारी जिला कैडर होता था और एक ही जिले में इनकी नियुक्ति और ट्रांसफर होती थी।