चंबा। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर तबाही बनकर टूटा है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त.व्यस्त हो गया है, वहीं चंबा जिले में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं। शुक्रवार सुबह चंबा जिले के चुराह उपमंडल में चांजू-कठवाड़ सड़क मार्ग पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। इस भूस्खलन से चार पंचायतों का शेष जिला से संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
सुबह-सुबह दरकी पहाड़ी, सड़क बंद
सुबह के समय अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा दरककर सड़क पर आ गिरा। चट्टानों और मलबे से भरा यह लैंडस्लाइड इतना भयानक था कि चांजू-कठवाड़ मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। सौभाग्यवश जिस समय यह भूस्खलन हुआ उस वक्त मार्ग पर कोई वाहन या राहगीर नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
चार पंचायतों का टूटा संपर्क
भूस्खलन का सबसे बड़ा असर क्षेत्र की चार पंचायतों चांजू, चरड़ा, देहरा और बघेईगढ़ पर पड़ा है, जिनका बाकी इलाके से संपर्क पूरी तरह कट गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार सुबह से ही पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बाद में बड़े भूस्खलन में तब्दील हो गया।
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लगातार गिर रहा मलबा सड़क बहाली में बन रहा बाधा
सड़क को दोबारा खोलने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से मशीनरी मौके पर भेजी गई है। हालांकि लगातार गिरते मलबे और पत्थरों के कारण बहाली कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। विभाग के अधिशाषी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि सड़क को जल्द से जल्द यातायात योग्य बनाने का प्रयास जारी है। वहीं इस मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि हमारी मशीनें मौके पर हैं, जैसे ही मलबा गिरना बंद होगा, सड़क की सफाई तेजी से की जाएगी। लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
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चंबा में मानसून की तबाही जारी
मानसून की शुरुआत से ही चंबा जिले में भारी बारिश के कारण लगातार प्राकृतिक आपदाएं सामने आ रही हैं। जगह-जगह लैंडस्लाइड, बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हो रही हैं। इन आपदाओं ने जिले के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अब तक चंबा में तीन बड़े पुल बह चुके हैं, और दर्जनों सड़कें प्रभावित हुई हैं।
किसानों को भारी नुकसान
चुराह समेत चंबा के अन्य हिस्सों में लगातार बारिश से किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है। कई खेत बारिश के पानी में बह गए हैं, जिससे फसलें नष्ट हो गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पीने के पानी की समस्या से भी जूझ रहे हैं क्योंकि 10 से अधिक पेयजल परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
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मानसून से अब तक 17 मौतें, 126 करोड़ का नुकसान
राजस्व विभाग के अनुसार, केवल चंबा जिले में मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक 126 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। इस दौरान 17 लोगों की मौत हुई है, जबकि 21 लोग घायल हुए हैं। वहीं, दो कच्चे मकान पूरी तरह ढह चुके हैं और 11 मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है।
प्रदेश में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश के कई जिलों में 26 जुलाई से 28 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि 30 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में आपदा से होने वाले नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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प्रदेशभर में 1387 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पूरे हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 1387 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 147 लोगों की जान गई है, जबकि 34 लोग अब भी लापता हैं। साथ ही प्रदेश में 200 से अधिक सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं, जिससे आवाजाही और राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
