केलांग। हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश . दुनिया में सफलता के नए झंडे गाड़ रही हैं। खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश की बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल - स्पीति की बेटी तेंजिन डोल्मा ने अपनी कड़ी मेहनत और अदम्य साहस के दम पर सफलता का वो झंडा गाड़ा है, जिसकी गूंज अब सात समंदर पार जापान में सुनाई देगी।
इस चैंपियनशिप के लिए हुआ चयन
लाहौल-स्पीति जिले की स्पीति घाटी से ताल्लुक रखने वाली एथलीट तेंजिन डोल्मा का चयन भारतीय टीम में 24 घंटे IAU एशियन ओशिनिया अल्ट्रा रनिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ है, जो जापान के हिरोसाकी शहर में आयोजित होने जा रही है। अल्ट्रा रनिंग की दुनिया में तेंजिन ने भारतीय टीम में जगह बनाकर न केवल लाहौल-स्पीति, बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है।
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जापान में दिखाएगी प्रतिभा
तेंजिन डोल्मा का चयन एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से किया गया है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अब वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जैसे ही उनके चयन की खबर सामने आई] पूरे लाहौल-स्पीति जिले और हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है।
कठिन परिस्थितियों को बनाया अपनी ताकत
तेंजिन डोल्मा का चयन Athletics Federation of India (AFI) द्वारा किया गया है। स्पीति घाटी की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में अभ्यास करना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन तेंजिन ने साबित कर दिया कि अगर इरादे हिमालय जैसे ऊंचे हों, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती।
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क्या है यह 24 घंटे की अल्ट्रा रनिंग प्रतियोगिता
अल्ट्रा रनिंग की यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन दौड़ों में से एक मानी जाती है। इसमें खिलाड़ियों को लगातार 24 घंटे तक दौड़ना होता है, जिसमें शारीरिक ताकत के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता और असाधारण सहनशक्ति की भी कड़ी परीक्षा होती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण मुकाबले के लिए तेंजिन डोल्मा का भारतीय टीम में चयन इस बात का प्रमाण है कि हिमालयी क्षेत्र के खिलाड़ी भी अपनी कड़ी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।
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तेंजिन डोल्मा की इस उपलब्धि से उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है।
सीएम सुक्खू ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने भी तेंजिन डोल्मा को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीति घाटी की बेटी का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में चयन होना पूरे हिमाचल के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तेंजिन डोल्मा अपनी मेहनत और मजबूत इरादों से देश का नाम रोशन करेंगी और प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी।
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वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों का भी मानना है कि तेंजिन डोल्मा की यह उपलब्धि न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। इससे प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा और वे भी बड़े मंचों पर अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित होंगी।
