शिमला: हिमाचल प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का सामना कर रहे धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। विधानसभा सत्र के बीच विजिलेंस की ओर से पूछताछ के लिए शिमला बुलाए जाने से नाराज सुधीर शर्मा ने अब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को पत्र सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुधीर शर्मा का कहना है कि विधानसभा का सत्र चल रहा था और इसी दौरान उन्हें विजिलेंस ने पूछताछ के लिए शिमला स्थित कार्यालय बुलाया। उन्होंने इस कार्रवाई को मानसिक प्रताड़ना बताते हुए सवाल उठाया कि जब मामला धर्मशाला में दर्ज है और जांच अधिकारी भी वहीं तैनात है, तो उन्हें पूछताछ के लिए शिमला क्यों बुलाया गया।
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सत्र के बीच विजिलेंस के बुलावे पर नाराजगी
सुधीर शर्मा शुक्रवार दोपहर बाद करीब सवा चार बजे शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ भाजपा के करीब सात से आठ विधायक और नेता भी मौजूद रहे। विजिलेंस अधिकारियों ने उनसे आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में करीब पौने दो घंटे तक पूछताछ की।
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पूछताछ के बाद बाहर आए सुधीर शर्मा ने कहा कि मामला धर्मशाला में दर्ज है। मामले का जांच अधिकारी धर्मशाला में है और संबंधित दस्तावेज भी वहीं मौजूद हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान उन्हें अचानक शिमला बुलाए जाने को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि उन्होंने जांच से जुड़े सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह विधायक को पूछताछ के लिए बुलाया जाना उन्हें असामान्य लगा।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
विजिलेंस पूछताछ से नाराज सुधीर शर्मा ने अब इस मामले को विधानसभा में उठाने का फैसला किया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है। बताया जा रहा है कि नोटिस पुलिस प्रमुख सहित दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ दिया गया है। सुधीर शर्मा का आरोप है कि विधानसभा की कार्यवाही चलने के दौरान उन्हें जांच के सिलसिले में बुलाया गया, जिससे उनके विधायक के रूप में विशेषाधिकार प्रभावित हुए हैं। सुधीर शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से मामले पर गौर करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
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आय से अधिक संपत्ति मामले में चल रही जांच
सुधीर शर्मा के खिलाफ विजिलेंस में कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला दर्ज है। जांच एजेंसी की ओर से उनकी आय और संपत्तियों से संबंधित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच के दायरे में बैंक खाते, निवेश, जमीन की खरीद-बिक्री, शेयरों से हुई आय और अन्य वित्तीय लेन-देन जैसी जानकारियां शामिल होने की बात सामने आई है।
विजिलेंस की पूछताछ इसी मामले से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, सुधीर शर्मा इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते रहे हैं और सरकार पर उन्हें परेशान करने के आरोप लगाते रहे हैं।
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'सेशन के बीच क्या जानना चाह रही सरकार?'
पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा ने सरकार और जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामला धर्मशाला में दर्ज है और जांच से जुड़े अधिकारी व दस्तावेज वहीं हैं, तो विधानसभा सत्र के दौरान उन्हें शिमला बुलाने की जल्दबाजी क्यों की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सामने जांच से संबंधित जो सवाल रखे गए, उनका उन्होंने जवाब दिया है। लेकिन विधानसभा सत्र के बीच किसी विधायक को इस तरह बुलाया जाना उनके अनुसार गंभीर विषय है।
अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर नजर
सुधीर शर्मा की ओर से विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिए जाने के बाद अब नजर विधानसभा अध्यक्ष के रुख पर है। क्या नोटिस स्वीकार किया जाएगा और क्या संबंधित पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल एक ओर विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले की जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर सुधीर शर्मा ने विधानसभा के जरिए इस कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक और संवैधानिक मोर्चा खोल दिया है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में हिमाचल की राजनीति में और गरमा सकता है।
