शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में होने वाली कैबिनेट बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष का बजट पारित होने के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक है, ऐसे में कई बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है।
आचार संहिता से पहले फैसलों की तैयारी
20 अप्रैल के बाद प्रदेश में कभी भी चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। ऐसे में सरकार इस बैठक के जरिए आम जनता को राहत देने वाले फैसले लेने की तैयारी में है, क्योंकि आचार संहिता लगने के बाद नई घोषणाओं पर रोक लग जाएगी।
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रोपवे प्रोजेक्ट पर हो सकती है बड़ी चर्चा
कैबिनेट बैठक में शिमला से तारादेवी तक प्रस्तावित 13.79 किलोमीटर लंबे रोपवे प्रोजेक्ट पर चर्चा हो सकती है। इस परियोजना की लागत 1734 करोड़ से बढ़कर अब 2296 करोड़ रुपए हो गई है। केंद्र और नेशनल डेवलपमेंट बैंक से मंजूरी मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
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भर्तियों को मिल सकती है हरी झंडी
प्रदेश के विभिन्न विभागों में भर्तियों को भी मंजूरी मिल सकती है। खासतौर पर स्वास्थ्य और वन विभाग में लंबे समय से लंबित पदों को भरने पर कैबिनेट फैसला ले सकती है।
कम एनरोलमेंट वाले स्कूल-कॉलेज पर फैसला संभव
बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा, जिसमें कम छात्र संख्या वाले संस्थानों को मर्ज करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 50 से कम एनरोलमेंट वाले 11 कॉलेज और 5 से कम छात्रों वाले 108 स्कूलों को नजदीकी संस्थानों में मिलाने पर निर्णय हो सकता है।
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चुनाव से पहले सरकार का फोकस
कुल मिलाकर यह कैबिनेट बैठक चुनाव से पहले सरकार के एजेंडे को साफ करेगी। माना जा रहा है कि सरकार इस मौके पर जनता को राहत देने और विकास कार्यों को गति देने के लिए कई अहम फैसले ले सकती है।
