मंडी। हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा में जहां कई लोगों को खाने पीने का सामान नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ हिमाचल के जंगलों में सरकारी डिपुओं में मिलने वाला राशन लावारिस हालत में मिल रहा है। जी हां यह मामला कहीं और का नहीं बल्कि हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा का केंद्र बिंदू रहा मंडी जिला से सामने आया है।
दरअसल हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जंगल में सरकारी राशन के सैंकड़ों दालों से भरे हुए पैकेट मिले हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग गया है। वहीं लोगों ने इस मामले की जांच की मांग की है। मामला मंडी जिला के उपमंडल करसोग के जंगल का बताया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के आपदा पीड़ितों को केंद्र की मोदी सरकर ने दी बड़ी राहत, की ये बड़ी घोषणा
जंगल में मिले सैंकड़ों दाल के पैकेट
बता दें कि हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सरकारी राशन डिपुओं में मिलने वाली दालों के दाम अभी पिछले माह ही बढ़ाए थे। यानी सरकारी राशन डिपुओं में लोगों को इस बार दालें महंगे दामों पर मिल रही हैं। लेकिन दूसरी तरफ दालों के सैंकड़ों पैकेट जंगल में मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं सुक्खू सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
मंडी के करसोग की घटना
मिली जानकारी के अनुसार मंडी जिला के करसोग क्षेत्र के जंगलों में सैकड़ों सरकारी राशन के पैकेट लावारिस हालत में पड़े मिले हैं। यह वही राशन है, जो सस्ते दामों पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को वितरित किया जाता है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: मक्की का गट्ठा उठाते ही 'काल' ने मारा झपटा, 36 वर्षीय महिला की चली गई जा*न
जंगल और सड़क किनारे मिले दालों से भरे बोरे
घटना करसोग से लगभग छह किलोमीटर दूर बतालाबहल और आठ किलोमीटर दूर गगोननाला क्षेत्र की है, जहां सड़कों के किनारे व गहरे जंगलों में दालों से भरे सैकड़ों पैकेट और बोरे फेंके पाए गए। इन सभी पैकेट्स पर हिमाचल सरकार की मुहर और सिविल सप्लाई विभाग की मोहर स्पष्ट रूप से अंकित है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि यह राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित किया गया था।
आपदा पीड़ितों को नहीं मिल रहा खाना, जंगल में फेंकी जा रही दालें
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पिछले चार माह से भारी बारिश के चलते भारी प्राकृतिक आपदा आई है। प्रदेश के हजारों लोग बेघर हो गए हैं और उनके पास खाने पीने तक का सामान नहीं बचा है। यह लोग अब दूसरे लोगों द्वारा दी जा रही राहत सामग्री से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। लेकिन इस सब के बीच एक मंडी जिला के जंगलों में सरकारी राशन के सैंकड़ों पैकेट दाल के मिलना अपने आप में एक चौंकाने वाली बात है। क्योंकि इस सरकारी राशन से आपदा पीड़ितों को राहत भी पहुंचाई जा सकती थी।
यह भी पढ़ें : दूल्हा बनने से पहले विक्रमादित्य का कंगना को जवाब, कहा- 'ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे'- यही हमारी प्रार्थना है
एसडीएम करसोग ने लिया संज्ञान
स्थानीय लोगों ने जब इस मामले को सोशल मीडिया पर वायरल किया, तब यह प्रशासन के संज्ञान में आया। इसके बाद एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने मौके पर जाकर स्थिति का जायज़ा लेने की बात कही और मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मामले की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस थाना करसोग को सौंप दी गई है और खाद्य आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक मंडी को भी अवगत करा दिया गया है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल: स्कूल में चल रहा था "प्यार का इजहार" खेल, छात्रा के भाई ने काटा बवाल; बुलानी पड़ी पुलिस
क्या बोले एसडीएम
एसडीएम ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक मामला है। जिस राशन को जरूरतमंदों तक पहुंचना था, वह इस तरह जंगलों में फेंका गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जिस किसी की भी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
