शिमला। हिमाचल प्रदेश के पंचायत चुनावों में इस बार कई रोचक मुकाबले देखने को मिले, लेकिन रामपुर उपमंडल की ज्यूरी त्यावल पंचायत का चुनाव पूरे इलाके में खास आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहां प्रधान पद के लिए एक ही परिवार की दो महिलाएं चुनाव मैदान में थीं।
चुनाव में ननद-भाभी आमने-सामने
रिश्ते में भाभी और ननद के बीच हुए इस मुकाबले ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। चुनाव परिणाम आने के बाद भाभी राज कांता ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए पंचायत की कमान अपने नाम कर ली। उन्होंने अपनी ननद कांता नेगी को लगभग 300 मतों के अंतर से हराया।
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भाभी ने 300 मतों से हराया
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राज कांता को 635 वोट मिले, जबकि कांता नेगी के पक्ष में 335 मत पड़े। चुनाव के दौरान दोनों उम्मीदवारों ने पंचायत के विकास को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया।
ग्रामीणों में लगातार चर्चा
गांव में पानी की समस्या, खराब सड़कें, सफाई व्यवस्था और युवाओं के लिए बेहतर सुविधाओं जैसे विषयों को लेकर दोनों ने लोगों के बीच जाकर समर्थन मांगा। चुनाव प्रचार के दौरान पंचायत में काफी उत्साह देखने को मिला और ग्रामीण भी इस पारिवारिक मुकाबले को लेकर लगातार चर्चा करते रहे।
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मिठाइयां बांट मनाया जश्न
मतगणना पूरी होने के बाद जैसे ही राज कांता की जीत की घोषणा हुई, उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत क्षेत्र में मिठाइयां बांटी गईं और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया।
लोगों का जताया आभार
राज कांता ने जीत के बाद पंचायतवासियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि चुनाव खत्म हो चुका है और अब उनका लक्ष्य पूरे पंचायत क्षेत्र का समान रूप से विकास करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वह पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने पंचायत में सफाई व्यवस्था सुधारने और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात भी कही।
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ननद ने भाभी को दी बधाई
दूसरी ओर कांता नेगी ने भी हार को सहजता से स्वीकार किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए विजेता को शुभकामनाएं दीं। राज कांता पहले भी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। वह कांग्रेस से जुड़ी रही हैं और रामपुर ब्लॉक कांग्रेस महिला विंग में जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। उनकी जीत को ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की मजबूत भागीदारी और बढ़ते नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।
