नई दिल्ली/शिमला। दिवाली से ठीक पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लेकर सैन्य भर्ती व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद भविष्य को लेकर असमंजस में रहने वाले हजारों युवाओं को अब दो साल और सेना में सेवा देने का अवसर मिलेगा। मोदी कैबिनेट ने अग्निवीरों के सेवा विस्तार से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
नई व्यवस्था के तहत मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की तरह नियमित सैनिक बनाया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा। इतना ही नहीं, दो साल का विस्तारित कार्यकाल पूरा करने के बाद इन जवानों को भी निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत सेना में स्थायी होने का अवसर दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले को अग्निपथ योजना में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इससे उन युवाओं को राहत मिलेगी, जो चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर होने की तैयारी कर रहे थे। हिमाचल प्रदेश के हजारों अग्निवीरों के लिए भी यह फैसला बड़ी खुशखबरी लेकर आया है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार दिवाली से पहले दे सकती है बड़ी सौगात, सीएम ने बुला ली कैबिनेट बैठ
छह साल हुआ अग्निवीरों का कार्यकाल
अग्निपथ योजना के तहत वर्ष 2022 में भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। ऐसे में उनके भविष्य और सेना में आगे बने रहने को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सेवा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
नई व्यवस्था के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी होने पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में बरकरार रखा जाएगा। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा। इस तरह उनकी कुल सेवा अवधि छह साल हो जाएगी। दो साल का विस्तार पूरा होने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन प्रक्रिया और सेना के मानकों के आधार पर स्थायी सैनिक बनने का अवसर मिलेगा।
छह साल बाद स्थायी नौकरी का भी खुलेगा रास्ता
इस फैसले की सबसे अहम बात यह है कि अब चार साल बाद सेना से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए नियमित सैनिक बनने का एक और अवसर उपलब्ध होगा। पहले चार साल की सेवा के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित किए जाने का प्रावधान था, जबकि बाकी जवानों को सेवा से मुक्त होकर नागरिक जीवन में लौटना पड़ता था।
नई व्यवस्था में दो साल का सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीरों का प्रदर्शन, योग्यता और सेना की जरूरतों के अनुरूप मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद इच्छुक जवानों को चयन प्रक्रिया के तहत स्थायी सेवा की पेशकश की जा सकेगी। हालांकि, स्थायी नियुक्ति अपने आप नहीं मिलेगी, इसके लिए निर्धारित पात्रता और चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में शिक्षा के मंदिर में छात्रा से जातिगत भेदभाव, जातिसूचक शब्द भी कहे
सेवा विस्तार के साथ बढ़ेंगे वेतन और भत्ते
सरकार ने सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीरों के आर्थिक लाभों का भी प्रावधान किया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के अनुसार, दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते दिए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सेवा विस्तार के पहले वर्ष में 43,500 रुपये और दूसरे वर्ष में 47,500 रुपये वेतन का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा सेवा निधि के रूप में 10.92 लाख रुपये दिए जाने की जानकारी भी दी गई है।
CDS ने बताया क्यों लिया गया फैसला
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि अग्निपथ योजना की शुरुआत के समय ही यह स्पष्ट किया गया था कि समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी। अब तक के बैचों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और अनुशासन से मिले सकारात्मक फीडबैक के आधार पर यह बदलाव किया गया है।
उन्होंने कहा कि सेना में योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित किया जाना है, जबकि पहले बाकी 75 प्रतिशत को चार साल बाद सेवा से मुक्त होकर समाज में लौटना था। अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए उन्हें दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। इस अवधि के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा।
यह भी पढ़ें : रामपुर ने खोया अपना नेता, राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए नंदला
हिमाचल के हजारों अग्निवीरों को बड़ी राहत
हिमाचल प्रदेश को लंबे समय से सैनिकों की भूमि के रूप में जाना जाता है। प्रदेश के हजारों युवा सेना में भर्ती होकर देश की सीमाओं की सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार का यह फैसला हिमाचल के अग्निवीरों और उनके परिवारों के लिए भी अहम माना जा रहा है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद नौकरी छूटने की चिंता झेल रहे युवाओं को अब दो साल और सेना में बने रहने का मौका मिलेगा।
हिमाचल के युवाओं के लिए इस फैसले का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि प्रदेश के कई परिवारों में सेना की नौकरी रोजगार के साथ सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है। अब सेवा विस्तार और उसके बाद स्थायी नियुक्ति के नए अवसर से अग्निवीरों की उम्मीदों को बल मिलेगा। हालांकि, प्रदेश के कितने अग्निवीर इस फैसले के दायरे में आएंगे, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
पहले से नियमित हुए 25 प्रतिशत अग्निवीर रहेंगे वरिष्ठ
नई व्यवस्था के साथ सेना में वरिष्ठता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। CDS जनरल सुब्रमणि ने बताया कि चार साल पूरे होने पर मेरिट के आधार पर नियमित किए गए 25 प्रतिशत अग्निवीरों की वरिष्ठता बाद में दो साल का विस्तार पूरा कर नियमित होने वाले अग्निवीरों से ऊपर रहेगी। यानी पहले चरण में नियमित हुए जवानों की वरिष्ठता बरकरार रहेगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल कांग्रेस पर शनि की दशा! जयराम बोले- अगले 25 साल तक सत्ता में नहीं आए
अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद बड़ा बदलाव
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती करने और उनमें से 25 प्रतिशत को प्रदर्शन तथा मेरिट के आधार पर नियमित करने की व्यवस्था बनाई गई थी। योजना को लेकर शुरुआत से ही देशभर में बहस होती रही है। अब पहले बैच का कार्यकाल पूरा होने से पहले सरकार ने इसमें बदलाव करते हुए 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार और उसके बाद नियमित होने का अवसर देने का फैसला किया है।
